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वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त, होंगे मंगल अनुष्ठान
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बरेली। माघ शुक्ल पंचमी रविवार यानी आज शुभ योगों के साथ वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का आगमन हो रहा है। ऋतुराज वसंत के आगमन का यह प्रथम दिन है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार माघ मास और माघीय नवरात्र होने के कारण इस बार बसंत पंचमी विशेष फलदायी होगी। अबूझ मुहूर्त होने से मंगल कार्य बगैर शुभ लग्न विचार किए संपन्न हो सकेंगे।
ज्योतिषाचार्य पं. अनुराग शंखधार ने बताया कि अभिजित मुहूर्त दोपहर 12.07 से 12:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान मां सरस्वती के साथ गणेश जी का पूजन विशेष फलदायी होगा। सबसे पहले मां सरस्वती की प्रतिमा सामने रखकर कलश स्थापित कर गणेश जी और नवग्रह की विधिवत पूजा करनी चाहिए। सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन और स्नान कराएं। इसके बाद माता को फूल माला चढ़ाएं। सिंदूर और अन्य शृंगार की वस्तुएं के बाद मां सरस्वती के चरणों में गुलाल अर्पित करें। पूजन के बाद सरस्वती माता और गणेश जी समेत नवग्रह के नाम से हवन करें। ‘ऊं श्री सरस्वते नम: स्वाहा’ मंत्र का जाप कर करते हुए 108 बार हवन में आहुति दें। आरती, हवन भभूत लगाएं। शाम को मां सरस्वती की प्रतिमा को प्रणाम कर जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य पं. अनुराग शंखधार ने बताया कि अभिजित मुहूर्त दोपहर 12.07 से 12:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान मां सरस्वती के साथ गणेश जी का पूजन विशेष फलदायी होगा। सबसे पहले मां सरस्वती की प्रतिमा सामने रखकर कलश स्थापित कर गणेश जी और नवग्रह की विधिवत पूजा करनी चाहिए। सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन और स्नान कराएं। इसके बाद माता को फूल माला चढ़ाएं। सिंदूर और अन्य शृंगार की वस्तुएं के बाद मां सरस्वती के चरणों में गुलाल अर्पित करें। पूजन के बाद सरस्वती माता और गणेश जी समेत नवग्रह के नाम से हवन करें। ‘ऊं श्री सरस्वते नम: स्वाहा’ मंत्र का जाप कर करते हुए 108 बार हवन में आहुति दें। आरती, हवन भभूत लगाएं। शाम को मां सरस्वती की प्रतिमा को प्रणाम कर जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
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