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जुल्म के बाद भी शहजादी-ए-रसूल ने नहीं छोड़ा सब्र का दामन
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बरेली। शहजादी फात्मा जहरा की शहादत पर कारवाने अदम की ओर से गढैया के अजाखाना वसी हैदर में दूसरे रोज मजलिसे सैयदा का आयोजन किया गया। मजलिस के बाद अंजुमन परचमे हुसैन के सदस्यों ने नौहा ख्वानी व सीनाजनी की।
इस मौके पर खिताब करते हुए अमरोहा से आए मौलाना कौसर मुजतबा ने रसूल की वफात के बाद उनकी बेटी हजरत फात्मा के ऊपर दुश्मने इस्लाम के जरिए किए गए अत्याचार को बयान किया। उन्होंने कहा कि बिंते रसूल पर जिस तरह जुल्म ढाए गए अगर वो जुल्म दिन पर पड़ते तो वह रात में तब्दील हो जाती। लेकिन यह कमाल रसूल की बेटी का ही था कि इतने जुल्म सहने के बाद भी सब्र और अल्लाह की इबादत का दामन नहीं छोड़ा। लिहाजा हम भी हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए सब्रो तहम्मुमल से अपनी जिंदगी बसर करें। अंजुमन के समर अब्बास जैदी ने बताया कि बृहस्पतिवार की मजलिस को गाजियाबाद के मौलाना कमर सुल्तान खिताब करेंगे।
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इस मौके पर खिताब करते हुए अमरोहा से आए मौलाना कौसर मुजतबा ने रसूल की वफात के बाद उनकी बेटी हजरत फात्मा के ऊपर दुश्मने इस्लाम के जरिए किए गए अत्याचार को बयान किया। उन्होंने कहा कि बिंते रसूल पर जिस तरह जुल्म ढाए गए अगर वो जुल्म दिन पर पड़ते तो वह रात में तब्दील हो जाती। लेकिन यह कमाल रसूल की बेटी का ही था कि इतने जुल्म सहने के बाद भी सब्र और अल्लाह की इबादत का दामन नहीं छोड़ा। लिहाजा हम भी हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए सब्रो तहम्मुमल से अपनी जिंदगी बसर करें। अंजुमन के समर अब्बास जैदी ने बताया कि बृहस्पतिवार की मजलिस को गाजियाबाद के मौलाना कमर सुल्तान खिताब करेंगे।
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