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महिलाओं के फर्जी मुकदमे बन रहे धन उगाही का जरिया
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बरेली। सेव इंडिया फैमिली की ओर से शनिवार को एक होटल में पुरुष अधिकारों की मांग को लेकर राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें देश के कई राज्यों और जिलों से पीड़ित पुरुष मदद की पुकार करने पहुंचे थे। इस दौरान लखनऊ से सचिन अग्रवाल और यक्ष, आगरा से ब्रजेश, कानपुर से अनुपम दुबे, बरेली से गुरुसेवक सिंह ने पुरुष उत्पीड़न पर अपने विचार रखे।
चंडीगढ़ से आए सुरेंद्र पाल आनंद ने अपना दर्द साझा किया। कहा, उनकी शादी बरेली में हुई थी। शादी के बाद पत्नी सारी संपत्ति उसके नाम करने का दवाब बनाने लगी। मना किया तो भाई से पिटवाया और मां को भी अपशब्द कहे। जिसके बाद चंडीगढ़ में तलाक का केस करा लेकिन अब तक उस पर सुनवाई नहीं हुई। बताया कि पुरुष की परिभाषा में 5 वर्ष के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। ऐसे में प्रत्येक का कहीं न कहीं उत्पीड़न हो रहा है। बताया कि उप्र के पश्चिमी क्षेत्र में करीब 35 प्रतिशत पुरुष उत्पीड़न के मामले पारिवारिक परामर्श केंद्र में दर्ज हैं। कहा, कानून का संरक्षण मिलने से महिलाएं निरंकुश होती जा रही हैं। लखनऊ से आयी डॉ. इंदु सुभाष ने बताया कि कानून सबके लिए एकसमान होना चाहिए।
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चंडीगढ़ से आए सुरेंद्र पाल आनंद ने अपना दर्द साझा किया। कहा, उनकी शादी बरेली में हुई थी। शादी के बाद पत्नी सारी संपत्ति उसके नाम करने का दवाब बनाने लगी। मना किया तो भाई से पिटवाया और मां को भी अपशब्द कहे। जिसके बाद चंडीगढ़ में तलाक का केस करा लेकिन अब तक उस पर सुनवाई नहीं हुई। बताया कि पुरुष की परिभाषा में 5 वर्ष के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। ऐसे में प्रत्येक का कहीं न कहीं उत्पीड़न हो रहा है। बताया कि उप्र के पश्चिमी क्षेत्र में करीब 35 प्रतिशत पुरुष उत्पीड़न के मामले पारिवारिक परामर्श केंद्र में दर्ज हैं। कहा, कानून का संरक्षण मिलने से महिलाएं निरंकुश होती जा रही हैं। लखनऊ से आयी डॉ. इंदु सुभाष ने बताया कि कानून सबके लिए एकसमान होना चाहिए।
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