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जयेष्ठ दशहरा पर श्रद्धालुओं ने रामगंगा में लगाई आस्था की डुबकी
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:57 AM IST
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ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर शुक्रवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रामगंगा में स्नान कर दान-पुण्य किया। सूर्य देव को नमन कर विधि विधान से पूजन किया और परिवार के कष्ट दूर करने की मन्नत मांगी।
शुक्रवार को गंगा दशहरा के अवसर पर रामगंगा तट पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया था। धार्मिक समितियों की ओर से वालंटियर श्रद्धालुओं की मदद के लिए मौजूद रहे। स्नान के दौरान गोताखोर भी मुस्तैद रहे। भजनों से गूंजते घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जल को अंजुलि में भर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। गंगा स्नान कर तर्पण एवं मुंडन आदि धार्मिक संस्कार कराए। यथाशक्ति दान भी किया। आचार्य पं. मुकेश मिश्रा ने बताया कि गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस को गंगा दशहरा मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरा पर स्नान से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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शुक्रवार को गंगा दशहरा के अवसर पर रामगंगा तट पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया था। धार्मिक समितियों की ओर से वालंटियर श्रद्धालुओं की मदद के लिए मौजूद रहे। स्नान के दौरान गोताखोर भी मुस्तैद रहे। भजनों से गूंजते घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जल को अंजुलि में भर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। गंगा स्नान कर तर्पण एवं मुंडन आदि धार्मिक संस्कार कराए। यथाशक्ति दान भी किया। आचार्य पं. मुकेश मिश्रा ने बताया कि गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस को गंगा दशहरा मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरा पर स्नान से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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