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जलभराव पर फूटा गुस्सा, साहू गोपीनाथ तिराहे पर लगाया जाम
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बरेली। जलभराव से निजात दिलाने के अधिकारियों के वादे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। संजय नगर, सुरेश शर्मा नगर के बाद अब बांसमंडी में करीब दो माह से जलभराव की दिक्कत झेल रहे आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाया, लेकिन कोई टस से मस नहीं हुआ।
जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे फूट पड़ा। उन्होंने विरोध करते हुए साहू गोपीनाथ तिराहे पर जाम लगा दिया। लोग सड़क पर सीढ़ी और बेंच आदि सामान डालकर बैठ गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खोलने को कहा, लेकिन गुस्साई पब्लिक ने जाम नहीं खोला। लोगों का गुस्सा भड़कने पर सड़क जाम की सूचना नगर निगम अधिकारियों को मिली। उनके कहने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने लोगों की समस्या सुनी और जलभराव की समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए, लेकिन कार्रवाई न होने पर फिर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
लोगों के मुताबिक उन्होंने पूर्व में जलभराव होने की शिकायत प्रशासन से की थी। नगर निगम में भी लोग पहुंचे थे और ज्ञापन सौंपा था। बावजूद इसके अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी। घरों का पानी सड़क पर बहता रहा। स्कूली बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गो को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के मौसम में भी कई बार सड़कों पर जलभराव हुआ तो हंगामा हुआ। फौरी तौर पर चोक नाला साफ कराकर जलभराव खत्म किया, लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने से अब फिर वही स्थिति बन गई है।
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जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे फूट पड़ा। उन्होंने विरोध करते हुए साहू गोपीनाथ तिराहे पर जाम लगा दिया। लोग सड़क पर सीढ़ी और बेंच आदि सामान डालकर बैठ गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खोलने को कहा, लेकिन गुस्साई पब्लिक ने जाम नहीं खोला। लोगों का गुस्सा भड़कने पर सड़क जाम की सूचना नगर निगम अधिकारियों को मिली। उनके कहने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने लोगों की समस्या सुनी और जलभराव की समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए, लेकिन कार्रवाई न होने पर फिर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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लोगों के मुताबिक उन्होंने पूर्व में जलभराव होने की शिकायत प्रशासन से की थी। नगर निगम में भी लोग पहुंचे थे और ज्ञापन सौंपा था। बावजूद इसके अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी। घरों का पानी सड़क पर बहता रहा। स्कूली बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गो को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के मौसम में भी कई बार सड़कों पर जलभराव हुआ तो हंगामा हुआ। फौरी तौर पर चोक नाला साफ कराकर जलभराव खत्म किया, लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने से अब फिर वही स्थिति बन गई है।
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