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अनाज के सिस्टम पर साहब की स्टडी के चक्कर में नौबत कस्टडी की
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बरेली। ‘आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास’। मंगलवार को यह कहावत खाद्य एवं रसद विभाग पर चरितार्थ हो गई। कमिश्नर को आईएएस वीक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर प्रेजेंटेशन देना है। इसलिए उन्होंने खाद्य एवं वितरण प्रणाली को बारीकी से समझने की जरूरत समझी। इसके लिए उन्होंने खाद्य विभाग के अफसर बुलाए और मौके पर चलकर पूरा सिस्टम बताने के निर्देश दिए। कमिश्नर राशन दुकानों पर चल रही खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को देखने पहुंचे। इसी बीच उनकी नजर राशन दुकानों पर रखे खराब अनाज पर पड़ गई, जिसे देख वह गुस्सा में आ गए और सैंपलिंग कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद लखनऊ में आयोजित आईएएस वीक में जाएंगे। वहां उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और खाद्य विभाग पर प्रेजेंटेशन देने का टास्क मिला है। कमिश्नर ने इस टास्क को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए राशन दुकानों पर पहुुंचकर पीडीएस को समझा। पीओएस मशीनों से हो रहे राशन वितरण को समझने के साथ ही, दिशानिर्देश भी दिए। इसी बीच दुकान पर रखे गेहूं, चावल पर पड़ी। गेहूं में कूड़ा था और चावल भी खराब थे। यह देख कमिश्नर भड़क गए और कहा कि गरीबों को ऐसा खराब अनाज क्यों वितरित हो रहा है? उनके साथ मौजूद खाद्य व रसद अधिकारी बगलें झांकने लगे। कमिश्नर ने सैंपलिंग कर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। बिहारीपुर कारोलान स्थित कोटेदार यह सुनकर घबरा गया। उसने गुहार लगाई कि सरकार हम तो अनाज एसएफसी गोदामों से उठाते हैं। इस पर कमिश्नर ने कोटेदार मुकेश खंडेलवाल और एसएफसी गोदाम से नमूने लेने और उसकी जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
भरे गए नमूने
कमिश्नर ने मंडी परिषद अधिकारियों से गेहूं-चावल के नमूने भरवाने को कहा। निर्देश मिलते ही उपनिदेशक मंडी एमसी गंगवार ने एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन) और पूर्ति विभाग के अफसर तलब कर लिए। गंगवार ने कोटेदार मुकेश खंडेलवाल की दुकान से बंट रहे गेहूं-चावल और एसएफसी गोदाम में भंडारित अनाज के नमूने टीम से भरवाए। एसएफसी गोदाम पर पहुंची टीम ने जब नमूने भरने शुरू किए तब मौजूद प्रभारी ने कहा कि यह सब खाद्यान्न, भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से आता है। इसमें उनकी या उनके विभाग की कोई मिलीभगत नहीं होती है। इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी केपी सिंह, भगौती प्रसाद, कमल कुमार, मोनिका गुप्ता व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के अलावा मंडी सचिव एपी गंगवार आदि मौजूद रहे।
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...तो एफसीआई सप्लाई कर रहा है खराब अनाज
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) लंबे समय से खराब गेहूं-चावल वितरित करता आ रहा है। पिछले दिनों एफसीआई टीम ने बरेली समेत कई जिलों में भंडारित खाद्यान्न के नमूने भरे थे। इसमें गेहूं-चावल अधोमानक यानी खाने योग्य नहीं पाया गया। एफसीआई गोदामों से ही पीडीएस और मिड डे मील योजना के तहत राशन सप्लाई होता है। यह खराब राशन एसएफसी गोदाम पहुंचता है, इसके बाद कोटेदार इसे उठाते हैं। तमाम कोटेदार बीच में कालाबाजारी भी कर देते हैं। इस तरह कोटेदारों तक पहुंचने वाले खराब राशन में सीधे एफसीआई सिस्टम शामिल है। जबकि किसानों और मिलर से गुणवत्ता युक्त गेहूं-चावल लिया जाता है।
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कमिश्नर रणवीर प्रसाद लखनऊ में आयोजित आईएएस वीक में जाएंगे। वहां उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और खाद्य विभाग पर प्रेजेंटेशन देने का टास्क मिला है। कमिश्नर ने इस टास्क को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए राशन दुकानों पर पहुुंचकर पीडीएस को समझा। पीओएस मशीनों से हो रहे राशन वितरण को समझने के साथ ही, दिशानिर्देश भी दिए। इसी बीच दुकान पर रखे गेहूं, चावल पर पड़ी। गेहूं में कूड़ा था और चावल भी खराब थे। यह देख कमिश्नर भड़क गए और कहा कि गरीबों को ऐसा खराब अनाज क्यों वितरित हो रहा है? उनके साथ मौजूद खाद्य व रसद अधिकारी बगलें झांकने लगे। कमिश्नर ने सैंपलिंग कर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। बिहारीपुर कारोलान स्थित कोटेदार यह सुनकर घबरा गया। उसने गुहार लगाई कि सरकार हम तो अनाज एसएफसी गोदामों से उठाते हैं। इस पर कमिश्नर ने कोटेदार मुकेश खंडेलवाल और एसएफसी गोदाम से नमूने लेने और उसकी जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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भरे गए नमूने
कमिश्नर ने मंडी परिषद अधिकारियों से गेहूं-चावल के नमूने भरवाने को कहा। निर्देश मिलते ही उपनिदेशक मंडी एमसी गंगवार ने एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन) और पूर्ति विभाग के अफसर तलब कर लिए। गंगवार ने कोटेदार मुकेश खंडेलवाल की दुकान से बंट रहे गेहूं-चावल और एसएफसी गोदाम में भंडारित अनाज के नमूने टीम से भरवाए। एसएफसी गोदाम पर पहुंची टीम ने जब नमूने भरने शुरू किए तब मौजूद प्रभारी ने कहा कि यह सब खाद्यान्न, भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से आता है। इसमें उनकी या उनके विभाग की कोई मिलीभगत नहीं होती है। इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी केपी सिंह, भगौती प्रसाद, कमल कुमार, मोनिका गुप्ता व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के अलावा मंडी सचिव एपी गंगवार आदि मौजूद रहे।
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...तो एफसीआई सप्लाई कर रहा है खराब अनाज
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) लंबे समय से खराब गेहूं-चावल वितरित करता आ रहा है। पिछले दिनों एफसीआई टीम ने बरेली समेत कई जिलों में भंडारित खाद्यान्न के नमूने भरे थे। इसमें गेहूं-चावल अधोमानक यानी खाने योग्य नहीं पाया गया। एफसीआई गोदामों से ही पीडीएस और मिड डे मील योजना के तहत राशन सप्लाई होता है। यह खराब राशन एसएफसी गोदाम पहुंचता है, इसके बाद कोटेदार इसे उठाते हैं। तमाम कोटेदार बीच में कालाबाजारी भी कर देते हैं। इस तरह कोटेदारों तक पहुंचने वाले खराब राशन में सीधे एफसीआई सिस्टम शामिल है। जबकि किसानों और मिलर से गुणवत्ता युक्त गेहूं-चावल लिया जाता है।