{"_id":"5b6a09064f1c1b49778b6a5c","slug":"101533675782-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी तहरीर लेकर बारादरी थाने से लौटे एनएचएआई के अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी तहरीर लेकर बारादरी थाने से लौटे एनएचएआई के अफसर
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:44 AM IST
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बरेली। शहर के पीलीभीत बाईपास रोड पर अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए बगैर परमीशन गड्ढा खोदने के दौरान छह मजदूरों की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई दूसरे दिन भी नहीं हो सकी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वह दूसरे दिन भी बारादरी थाने में विंध्याटेल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पहुंचे लेकिन पुलिस ने फिर तहरीर में खामियां बता कर कार्रवाई रिपोर्ट लिखने से इंकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पुलिस की तरफ से पहले ही रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है, इसलिए दोबारा रिपोर्ट मुमकिन नहीं है।
एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी के लिए अंडरग्राउंड केबल बिछा रही विंध्याटेल लिमिटेड ने एनएचएआई से एनओसी नहीं ली थी। कंपनी अवैध तरीके से सड़कें खोदकर केबल बिछा रही थी। 30 अप्रैल को पीलीभीत बाईपास रोड पर गड्ढे में काम कर रहे छह मजदूरों की ढांग ढहने से मौत हो गई थी। इस मामले में रुहेलखंड चौकी पुलिस विंध्याटेल लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुकी है। इधर, इस मामले में एनएचएआई की तरफ से भी बगैर एनओसी हाईवे खोदने के मामले में विंध्या टेल लिमिटेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जानी है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी सोमवार को भी तहरीर लेकर बारादरी थाने पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने तहरीर में खामियां बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद मंगलवार को एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर आकांश दीक्षित, जेई आकाश शर्मा तहरीर लेकर बारादरी थाने पह़ुंचे थे। उनका कहना है कि पुलिस ने फिर से तहरीर में गड़बड़ी बताई और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारी रात में काफी देर रुकने के बाद वापस चले आए।
विंध्याटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कई दिन से चल रही है लेकिन अब तक इस मामले में केस दर्ज नहीं हो सका है। बारादरी थाने में मंगलवार को भी तहरीर लेकर स्टाफ को भेजा गया था। - आकांश दीक्षित, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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एनएचएआई के अधिकारियों ने थाने में तहरीर सौंपी है। अब एसपीओ से विधिक राय ली जाएगी कि एक ही मामले में क्या कई एफआईआर लिखी जा सकती हैं। विधिक राय के मुताबिक ही लिखा-पढ़त की जाएगी। - नीति द्विवेदी, सीओ तृतीय
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एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी के लिए अंडरग्राउंड केबल बिछा रही विंध्याटेल लिमिटेड ने एनएचएआई से एनओसी नहीं ली थी। कंपनी अवैध तरीके से सड़कें खोदकर केबल बिछा रही थी। 30 अप्रैल को पीलीभीत बाईपास रोड पर गड्ढे में काम कर रहे छह मजदूरों की ढांग ढहने से मौत हो गई थी। इस मामले में रुहेलखंड चौकी पुलिस विंध्याटेल लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुकी है। इधर, इस मामले में एनएचएआई की तरफ से भी बगैर एनओसी हाईवे खोदने के मामले में विंध्या टेल लिमिटेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जानी है। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी सोमवार को भी तहरीर लेकर बारादरी थाने पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने तहरीर में खामियां बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद मंगलवार को एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर आकांश दीक्षित, जेई आकाश शर्मा तहरीर लेकर बारादरी थाने पह़ुंचे थे। उनका कहना है कि पुलिस ने फिर से तहरीर में गड़बड़ी बताई और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारी रात में काफी देर रुकने के बाद वापस चले आए।
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विंध्याटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कई दिन से चल रही है लेकिन अब तक इस मामले में केस दर्ज नहीं हो सका है। बारादरी थाने में मंगलवार को भी तहरीर लेकर स्टाफ को भेजा गया था। - आकांश दीक्षित, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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एनएचएआई के अधिकारियों ने थाने में तहरीर सौंपी है। अब एसपीओ से विधिक राय ली जाएगी कि एक ही मामले में क्या कई एफआईआर लिखी जा सकती हैं। विधिक राय के मुताबिक ही लिखा-पढ़त की जाएगी। - नीति द्विवेदी, सीओ तृतीय