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Barabanki News: नौकरी छोड़ युवाओं को भा रहा कारोबार
Tue, 08 Sep 2026 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:59 AM IST
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बाराबंकी। नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय जिले के युवा अब अपना कारोबार खड़ा करने के लिए बैंक का दरवाजा खटखटा रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत जिले में अब तक 398 युवाओं को करीब 15 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त और गारंटी रहित कर्ज दिया जा चुका है।
इस योजना में 50 से अधिक महिलाएं भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज ले चुकी हैं। युवाओं ने बड़े उद्योगों के बजाय स्थानीय मांग से जुड़े छोटे कारोबार को अपनी पसंद बनाया है।
कर्ज लेने वाले युवाओं की पसंद उनके हुनर और स्थानीय बाजार से जुड़ी है। कोई चाऊमीन, कचरी, पापड़ और अचार का कारोबार कर रहा है तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई और बुटीक खोला है। मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण ले चुके युवाओं ने भी इसी हुनर को कमाई का जरिया बनाने के लिए ऋण लिया है। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 1,400 युवाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन आवेदन लिए हैं।
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स्वीकृत फाइलों के आधार पर करीब 25 बैंकों के माध्यम से अब तक 398 युवाओं को लगभग 15 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। लाभार्थियों को उनकी परियोजना के अनुसार तीन से चार लाख रुपये तक की राशि मिली है। महिलाओं ने मुख्य रूप से सिलाई-कढ़ाई, बुटीक और दुकान जैसे कारोबार को चुना है। इससे घरेलू कामकाज के साथ आय का साधन तैयार करने का अवसर मिल रहा है।
उपायुक्त उद्योग दिनेश चौरसिया ने बताया कि योजना में न्यूनतम आठवीं पास युवाओं को पात्रता दी जा रही है। मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। विभाग का लक्ष्य है कि योजना का लाभ हर गांव तक पहुंचे और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हों।
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इस योजना में 50 से अधिक महिलाएं भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज ले चुकी हैं। युवाओं ने बड़े उद्योगों के बजाय स्थानीय मांग से जुड़े छोटे कारोबार को अपनी पसंद बनाया है।
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कर्ज लेने वाले युवाओं की पसंद उनके हुनर और स्थानीय बाजार से जुड़ी है। कोई चाऊमीन, कचरी, पापड़ और अचार का कारोबार कर रहा है तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई और बुटीक खोला है। मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण ले चुके युवाओं ने भी इसी हुनर को कमाई का जरिया बनाने के लिए ऋण लिया है। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 1,400 युवाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन आवेदन लिए हैं।
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स्वीकृत फाइलों के आधार पर करीब 25 बैंकों के माध्यम से अब तक 398 युवाओं को लगभग 15 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। लाभार्थियों को उनकी परियोजना के अनुसार तीन से चार लाख रुपये तक की राशि मिली है। महिलाओं ने मुख्य रूप से सिलाई-कढ़ाई, बुटीक और दुकान जैसे कारोबार को चुना है। इससे घरेलू कामकाज के साथ आय का साधन तैयार करने का अवसर मिल रहा है।
उपायुक्त उद्योग दिनेश चौरसिया ने बताया कि योजना में न्यूनतम आठवीं पास युवाओं को पात्रता दी जा रही है। मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। विभाग का लक्ष्य है कि योजना का लाभ हर गांव तक पहुंचे और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार हों।