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18 मौतों का जिम्मेदार कौन, शासन ने शुरू कराई जांच

Thu, 29 Jul 2021 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 11:18 PM IST
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Who is responsible for 18 deaths, the government started investigation
बाराबंकी। अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर हुए हादसे में 18 मजदूरों की मौत का जिम्मेदार कौन है, यह सवाल अब चारों तरफ गूंज रहा है। परिवहन, एनएचएआई, पुलिस या कोई अन्य भले हो किन्तु घटना के दो दिन बाद भी अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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यह हालात तब हैं जब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीएम, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री के टवीट के बाद शासन के कई विभागों ने स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू कराई। विभाग खुद के बचाव के लिए एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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वहीं इस मामले में एआरटीओ ने एक और केस दर्ज कराया है। जिसमें टोल कर्मी, ट्रक और बस के मालिक आरोपी बनाए गए हैं। जबकि बस बिना परमिट चलने की बात भी जांच में सामने आ रही है।
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बीते मंगलवार की रात रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में अयोध्या हाईवे पर कल्याणी नदी पुल के पास खराब खड़ी बस में ट्रक की टक्कर के बाद 18 लोगों की मौत व 25 के घायल होने के मामले में अभी तक किसी आरोपी पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है। अब इस मामले में एनएचएआई व परिवहन विभाग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का काम कर रहे हैं।
खुद की गर्दन बचाने के लिए एआरटीओ ने भी एक केस दर्ज करा दिया है। जबकि एआरटीओ की एनएचएआई से कम जिम्मेदारी नहीं है। यदि साढ़े चार घंटे से खड़ी बस के बारे में एनएचएआई को नहीं पता लगा तो एआरटीओ की टीमें भी तो पेट्रोलिंग करती हैं लेकिन उनको जब वाहन चालकों से वसूली करने से फुर्सत मिले तो इस पर ध्यान दिया जाए।
वहीं हादसे के बाद भले ही पुलिस ने बचाव कार्य में बहुत मेहनत की हो लेकिन यदि पहले पुलिसकर्मी ही इस खराब बस पर ध्यान देते तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अफसर यह प्लान तैयार करने में लगे हैं कि शासन को ऐसी रिपोर्ट भेज दी जाए कि कोई बड़ा इसमें न फंसे।
जबकि यदि सरकार सही तरीके से जांच कराए तो परिवहन विभाग से लेकर एनएचएआई व पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन अभी जिस तरह से जांच चल रही है उससे किसी पर कार्रवाई होना आसान नहीं लग रहा है।
दुर्घटनाग्रस्त बस का हरियाणा, पंजाब से बिहार जाने के दौरान कई बार चालान भी किया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस बस का 32 बार चालान हुआ है जिसमें आठ बार पुलिस व 24 बार परिवहन विभाग ने किया है।
एक बार इसका चालान बाराबंकी में भी परिवहन विभाग ने किया है। बस बिहार में पंजीकृत है। इसके परमिट के बारे में अभी तक कोई कागजात नहीं मिले हैं। जबकि बस का फिटनेस व प्रदूषण और इंश्योरेंस सही मिला है।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि बस हादसे के मामले में अब तक दो केस दर्ज हो चुके हैं। एक मुकदमा एआरटीओ ने भी दर्ज कराया है। इसमें एनएचएआई भी आरोपी है। इसमें आरआई टेक्निकल से रिपोर्ट ली जा रही है।

हादसे के बाद समय पर क्रेन क्यों नहीं पहुंचा व अन्य सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। भविष्य में ऐसा हादसा न हो इसके लिए सावधानी भी बरती जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी है उनको छोड़ा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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