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हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर मिलेगी जच्चा-बच्चा को सुरक्षा
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बाराबंकी। प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाओं की सेहत को लेकर काफी गंभीर है। मातृ शिशु मृत्युदर पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिले में संचालित हेल्थ वेलनेस सेंटरों को जच्चा-बच्चा सुरक्षा केंद्र के रुप में तब्दील किया जा रहा है। यहां पर आने वाली पीड़िताओं को गर्भधारण करने से लेकर प्रसव तक की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। शासन ने इसके लिए इन केंद्रों पर प्रशिक्षित सीएचओ की तैनाती कर दी है और जिले में मई माह से इन केंद्रों का संचालन शुरू भी करा दिया गया है।
जिले में संचालित 299 हेल्थ वेलनेस सेंटर में से 268 केंद्रों पर प्रसव की सुविधा मई माह से शुरू की गई। ये अलग बात है कि यहां पर अभी तक कोई प्रसव नहीं हुआ है परंतु जिस तरह से यहां पर व्यवस्थाएं की गई हैं उससे आने वाले दिनों में प्रसव पीड़िताओं को उपचार के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक चक्कर काटने से निजात मिल जाएगी।
क्योंकि यहां पर प्रशिक्षित कम्यूनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) की तैनाती कर दी गई है। यह प्रसव के साथ ही अन्य बीमारी की जांच व उपचार कराएंगी। क्योंकि इन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षित किए जाने के बाद ही सेंटर पर तैनाती दी जा रही है। यदि बहुत ही क्रिटिकल केस न हुआ तो यहां पर छोटे-मोटे ऑपरेशन कर प्रसव कराए जा सकेंगे। जिले में संचालित हो रहे 353 सब सेंटर को पहले चरण में 268 हेल्थ वेलनेस सेंटर के रुप में तब्दील कर दिया गया है।
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114 पर चल रहा निर्माण कार्य
विभाग की माने तो जिले में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से 114 हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण चल रहा है। इन सेंटरों के निर्माण का जिम्मा यूपी सिडको और आरईएस को शासन द्वारा सौंपा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ये सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे और यहां पर भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रसव पीड़िताओं को मिलने लगेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास लगातार जारी हैं। विभाग जच्चा-बच्चा को ध्यान में रखकर कार्य कर रहा है। इसी के तहत 268 हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर प्रसव की सुविधा शुरू करा दी गई है। अन्य सब सेंटरों को भी बहुत जल्द हेल्थ वेलनेस सेंटरों के रुप में तब्दील कर दिया जाएगा। शासन के आदेश पर इस दिशा में भी तेजी से कार्य चल रहा है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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जिले में संचालित 299 हेल्थ वेलनेस सेंटर में से 268 केंद्रों पर प्रसव की सुविधा मई माह से शुरू की गई। ये अलग बात है कि यहां पर अभी तक कोई प्रसव नहीं हुआ है परंतु जिस तरह से यहां पर व्यवस्थाएं की गई हैं उससे आने वाले दिनों में प्रसव पीड़िताओं को उपचार के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक चक्कर काटने से निजात मिल जाएगी।
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क्योंकि यहां पर प्रशिक्षित कम्यूनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) की तैनाती कर दी गई है। यह प्रसव के साथ ही अन्य बीमारी की जांच व उपचार कराएंगी। क्योंकि इन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षित किए जाने के बाद ही सेंटर पर तैनाती दी जा रही है। यदि बहुत ही क्रिटिकल केस न हुआ तो यहां पर छोटे-मोटे ऑपरेशन कर प्रसव कराए जा सकेंगे। जिले में संचालित हो रहे 353 सब सेंटर को पहले चरण में 268 हेल्थ वेलनेस सेंटर के रुप में तब्दील कर दिया गया है।
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114 पर चल रहा निर्माण कार्य
विभाग की माने तो जिले में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से 114 हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण चल रहा है। इन सेंटरों के निर्माण का जिम्मा यूपी सिडको और आरईएस को शासन द्वारा सौंपा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ये सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे और यहां पर भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रसव पीड़िताओं को मिलने लगेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास लगातार जारी हैं। विभाग जच्चा-बच्चा को ध्यान में रखकर कार्य कर रहा है। इसी के तहत 268 हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर प्रसव की सुविधा शुरू करा दी गई है। अन्य सब सेंटरों को भी बहुत जल्द हेल्थ वेलनेस सेंटरों के रुप में तब्दील कर दिया जाएगा। शासन के आदेश पर इस दिशा में भी तेजी से कार्य चल रहा है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ