{"_id":"69387d084c18d0a00008b9cc","slug":"we-have-the-responsibility-of-awakening-every-person-will-light-the-lamp-barabanki-news-c-315-1-brp1005-153676-2025-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: हम पर जागृति का जिम्मा है, जन-जन ज्योति जलाएंगे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: हम पर जागृति का जिम्मा है, जन-जन ज्योति जलाएंगे...
Wed, 10 Dec 2025 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 10 Dec 2025 01:18 AM IST
विज्ञापन
सूरतगंज स्थित जागृति इंटर कॉलेज में कविता पाठ करतीं कवयित्री शशि श्रेया।
सूरतगंज। क्षेत्र स्थित जागृति इंटर काॅलेज में मंगलवार को वार्षिकोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, नाटक, गीत-संगीत से सभी का मन मोह लिया। कवियों ने काव्य पाठ कर खूब वाहवाही लूटी।
काव्य पाठ की शुरुआत कवयित्री शशि श्रेया ने सरस्वती वंदना से की। उन्होंने ''हम पर जागृति का जिम्मा है, जन-जन ज्योति जलाएंगे, संस्कार के विजयी ध्वज को अंबर तक फहराएंगे...'' सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि देवी प्रसाद तिवारी ने ''वंदना राम की बंद न कीजिए, प्रभु के सतनाम की अर्चना कीजिए...'' सुनाकर मंच को ऊंचाई दी। कवि योगेश चौहान ने पढ़ा- दया भगवान करें हम तो करेंगे नहीं, शत्रुओं के शीश का गले में हार डालेंगे नहीं... सुनाया। कवि विशेष शर्मा ने ''कविता शारदा भवानी है, कविता समाज का दर्पण है...'' सुनाया तो पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कवि मनोज मिश्र शीत ने पढ़ा ''पहले बुला के बाद में दुतकारिए नहीं, जो खुद मरा हुआ हो उसे मारिये नहीं..।'' इस मौके पर संजय वर्मा, अनिल निगम, अरविंद कुमार गुड्डू, डाॅ. कमलेश सिंह, बीएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
काव्य पाठ की शुरुआत कवयित्री शशि श्रेया ने सरस्वती वंदना से की। उन्होंने ''हम पर जागृति का जिम्मा है, जन-जन ज्योति जलाएंगे, संस्कार के विजयी ध्वज को अंबर तक फहराएंगे...'' सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि देवी प्रसाद तिवारी ने ''वंदना राम की बंद न कीजिए, प्रभु के सतनाम की अर्चना कीजिए...'' सुनाकर मंच को ऊंचाई दी। कवि योगेश चौहान ने पढ़ा- दया भगवान करें हम तो करेंगे नहीं, शत्रुओं के शीश का गले में हार डालेंगे नहीं... सुनाया। कवि विशेष शर्मा ने ''कविता शारदा भवानी है, कविता समाज का दर्पण है...'' सुनाया तो पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कवि मनोज मिश्र शीत ने पढ़ा ''पहले बुला के बाद में दुतकारिए नहीं, जो खुद मरा हुआ हो उसे मारिये नहीं..।'' इस मौके पर संजय वर्मा, अनिल निगम, अरविंद कुमार गुड्डू, डाॅ. कमलेश सिंह, बीएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन