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Barabanki News: फिर बढ़ने लगा जलस्तर, तटवर्तीय गांवों में हड़कंप
Thu, 18 Jul 2024 04:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:05 AM IST
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बाराबंकी। बीते नौ दिनों लगातार घट रहे सरयू के जलस्तर ने बुधवार को फिर से बढ़ना शुरू कर दिया। नेपाल के शारदा बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार शाम को नदी का जलस्तर 105.216 मीटर से बढ़कर 105.616 मीटर पर पहुंच गया। यदि नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जल्दी पानी किनारों काे छोड़ फिर से तटवर्तीय गांव क्षेत्रों में घुसने का अंदेशा बढ़ गया है। इससे निबटने के लिए प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
सरयू नदी की बाढ़ से जिले में रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों के 100 से अधिक गांव प्रभावित होने की संभावना रहती हैं। बीते आठ जुलाई को जलस्तर खतरे का निशान 106.070 पार कर करीब 56 सेमी ऊपर चला गया था। बाढ़ से रामनगर, सिरौलीगौसपुर 2581 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था। दो दर्जन गांवों में पानी भरा था। इसके बाद जलस्तर लगातार कम होने लगा था। बीते दिनों नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात के बाद शारदा बैराज से करीब एक लाख क्यूसके पानी छोड़े जाने से बुधवार को नदी का जलस्तर फिर बढ़ कर शाम को 105.616 मीटर तक पहुंच गया। इससे नदी किनारे बसें गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका से हड़कंप व्याप्त है। हालांकि बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह का कहना है कि ने नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 45 सेमी नीचे है। इस लिए नदी का पानी तट के बाहर आने की संभावना काफी कम है।
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के इटहुआ पूर्व गांव के पास जहां बाढ़ खण्ड की मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने ड्रेजिंग की थी वहां कटान हो रही थी। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी तट के बराबर पहुंच गया। जिससे कटान बंद हो गई है।
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सरयू नदी की बाढ़ से जिले में रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों के 100 से अधिक गांव प्रभावित होने की संभावना रहती हैं। बीते आठ जुलाई को जलस्तर खतरे का निशान 106.070 पार कर करीब 56 सेमी ऊपर चला गया था। बाढ़ से रामनगर, सिरौलीगौसपुर 2581 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था। दो दर्जन गांवों में पानी भरा था। इसके बाद जलस्तर लगातार कम होने लगा था। बीते दिनों नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात के बाद शारदा बैराज से करीब एक लाख क्यूसके पानी छोड़े जाने से बुधवार को नदी का जलस्तर फिर बढ़ कर शाम को 105.616 मीटर तक पहुंच गया। इससे नदी किनारे बसें गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका से हड़कंप व्याप्त है। हालांकि बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह का कहना है कि ने नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 45 सेमी नीचे है। इस लिए नदी का पानी तट के बाहर आने की संभावना काफी कम है।
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तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के इटहुआ पूर्व गांव के पास जहां बाढ़ खण्ड की मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने ड्रेजिंग की थी वहां कटान हो रही थी। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी तट के बराबर पहुंच गया। जिससे कटान बंद हो गई है।
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