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बूथों पर खत्म हुई वैक्सीन, फिर निराश लौटे लोग
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बाराबंकी। कोरोना वैक्सीन का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को एक बार फिर दोपहर बाद बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई, जिससे टीका लगवाने के लिए आए लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए पहुंचे लोग वैक्सीन खत्म होने पर कर्मचारियों से भिड़ गए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन का संकट अभी कई और दिनों तक बने रहने के आसार हैं।
कोरोना टीकाकरण को लेकर मंगलवार को महाअभियान चलाया गया, इस दौरान 51 हजार 202 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। लेकिन बुधवार को स्थिति ठीक इसके विपरीत देखने को मिली। करीब दो घंटे बाद ही बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई। जिससे लाइन में लगे लोग आक्रोशित हो गए, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह से स्थिति को संभाला। जिला अस्पताल में बनाए गए बूथ पर तो लोग आपस में ही भिड़ गए।
रामसेवक बूथ पर भी सुबह से ही टीका लगवाने वालों की लाइन लग गई, लेकिन यहां पर भी दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई, जिससे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। यही स्थिति जिले के सभी बूथों की रही, जहां पर दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई। कोरोना का टीका लगवाने के लिए सुबह से ही बूथों पर लोगों की भारी भीड़ लग गई थी, लेकिन वैक्सीन खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद लोग निराश हो गए।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के पास महज ढांई हजार डोज ही उपलब्ध थी, ऐसे में दोपहर से पहले वैक्सीन खत्म होना स्वाभाविक था। अभी वैक्सीन का यह संकट कई और दिनों तक बना रहेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिले में कोरोना वैक्सीन का संकट बीते करीब एक माह से बना हुआ है, विभागीय अधिकारी इस संकट को दूर नहीं कर पा रहे हैं।
बूथों पर टीका लगवाने के लिए आए राकेश, विमला, सुमित्रा, मोनिका और दीपेन्द्र ने बताया कि हम लोग रोज टीका लगवाने के लिए बूथों पर आते हैं, जब हमारा नंबर आता है तो वैक्सीन खत्म होने की बात कहकर हम लोगों को लौटा दिया जाता है।
हमारे पास महज ढांई हजार डोज बची हुई थी, बुधवार को इसे बूथों पर भेजा गया था। वैक्सीन की कमी के कारण ही दोपहर बाद ज्यादातर बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई। वैक्सीन की कमी को दूर करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
- डॉ. राजीव सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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कोरोना टीकाकरण को लेकर मंगलवार को महाअभियान चलाया गया, इस दौरान 51 हजार 202 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। लेकिन बुधवार को स्थिति ठीक इसके विपरीत देखने को मिली। करीब दो घंटे बाद ही बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई। जिससे लाइन में लगे लोग आक्रोशित हो गए, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह से स्थिति को संभाला। जिला अस्पताल में बनाए गए बूथ पर तो लोग आपस में ही भिड़ गए।
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रामसेवक बूथ पर भी सुबह से ही टीका लगवाने वालों की लाइन लग गई, लेकिन यहां पर भी दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई, जिससे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। यही स्थिति जिले के सभी बूथों की रही, जहां पर दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई। कोरोना का टीका लगवाने के लिए सुबह से ही बूथों पर लोगों की भारी भीड़ लग गई थी, लेकिन वैक्सीन खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद लोग निराश हो गए।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के पास महज ढांई हजार डोज ही उपलब्ध थी, ऐसे में दोपहर से पहले वैक्सीन खत्म होना स्वाभाविक था। अभी वैक्सीन का यह संकट कई और दिनों तक बना रहेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिले में कोरोना वैक्सीन का संकट बीते करीब एक माह से बना हुआ है, विभागीय अधिकारी इस संकट को दूर नहीं कर पा रहे हैं।
बूथों पर टीका लगवाने के लिए आए राकेश, विमला, सुमित्रा, मोनिका और दीपेन्द्र ने बताया कि हम लोग रोज टीका लगवाने के लिए बूथों पर आते हैं, जब हमारा नंबर आता है तो वैक्सीन खत्म होने की बात कहकर हम लोगों को लौटा दिया जाता है।
हमारे पास महज ढांई हजार डोज बची हुई थी, बुधवार को इसे बूथों पर भेजा गया था। वैक्सीन की कमी के कारण ही दोपहर बाद ज्यादातर बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई। वैक्सीन की कमी को दूर करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
- डॉ. राजीव सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी