{"_id":"5d5ee9ca8ebc3e6c941c2d54","slug":"treatment-stoped-barabanki-news-lko4776238180","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल में बवाल, पांच घंटे तक ठप रहा कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल में बवाल, पांच घंटे तक ठप रहा कार्य
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बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल में गार्ड से मारपीट किए जाने से नाराज कर्मचारियों व नर्सों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। उनके कार्य बहिष्कार के चलते करीब पांच घंटे तक अस्पताल में इलाज ठप रहा है। उपचार व जांच के लिए पहुंची कई गर्भवती व प्रसूताओं को काफी परेशानी हुई। काफी इंतजार के बाद भी निराश लौटना पड़ा। सीएमओ और सीएमएस के समझाने पर भी प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी शांत नहीं हुए। उधर मारपीट के आरोपी के पक्ष में महिला अस्पताल पहुंचे कुछ वकीलों ने भी प्रदर्शन किया। एएसपी आरएस गौतम ने घटना की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद हंगामा शांत हुआ।
अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार रात गार्ड आशुतोष ड्यूटी पर था। रात में ढकौली निवासी रवि सिंह अस्पताल पहुंचे और लेबर रूम में घुसने लगे। गार्ड के रोकने से नाराज रवि ने गार्ड की पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को आते देख रवि भाग गया। गुरुवार सुबह आठ बजे घटना की जानकारी अन्य कर्मचारियों और नर्सों को हुई तो उन्होंने कार्य बहिष्कार के साथ परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारी मारपीट के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
सीएमएस डॉ. आभा आशुतोष और सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों से वार्ता की लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच आरोपी के पक्ष में पहुंचे वकीलों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी आरएस गौतम ने दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की। घटना की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब एक बजे अस्पताल में इलाज शुरू हो सका।
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कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से गर्भवती व प्रसूताओं को काफी परेशानी हुई। गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंचीं रामपुर की सरिता, प्रियंका और पिंकी को घंटों इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा। कुछ महिलाओं का इलाज इमरजेंसी में चिकित्सकों ने किया। इसके बावजूद रामपति और राधिका की हालत गंभीर होने पर परिवारीजन उन्हें लेकर चले गए।
महिला अस्पताल के गार्ड आशुतोष के साथ बुधवार रात ढकौली निवासी रवि सिंह ने मारपीट की। इसके विरोध में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। गार्ड ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस को तहरीर दी है। कर्मचारियों को समझाया कर दोपहर बाद एक बजे कार्य शुरू कराया गया।
-डॉ. आभा आशुतोष, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार रात गार्ड आशुतोष ड्यूटी पर था। रात में ढकौली निवासी रवि सिंह अस्पताल पहुंचे और लेबर रूम में घुसने लगे। गार्ड के रोकने से नाराज रवि ने गार्ड की पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को आते देख रवि भाग गया। गुरुवार सुबह आठ बजे घटना की जानकारी अन्य कर्मचारियों और नर्सों को हुई तो उन्होंने कार्य बहिष्कार के साथ परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारी मारपीट के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
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सीएमएस डॉ. आभा आशुतोष और सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों से वार्ता की लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच आरोपी के पक्ष में पहुंचे वकीलों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी आरएस गौतम ने दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की। घटना की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब एक बजे अस्पताल में इलाज शुरू हो सका।
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कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से गर्भवती व प्रसूताओं को काफी परेशानी हुई। गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंचीं रामपुर की सरिता, प्रियंका और पिंकी को घंटों इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा। कुछ महिलाओं का इलाज इमरजेंसी में चिकित्सकों ने किया। इसके बावजूद रामपति और राधिका की हालत गंभीर होने पर परिवारीजन उन्हें लेकर चले गए।
महिला अस्पताल के गार्ड आशुतोष के साथ बुधवार रात ढकौली निवासी रवि सिंह ने मारपीट की। इसके विरोध में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। गार्ड ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस को तहरीर दी है। कर्मचारियों को समझाया कर दोपहर बाद एक बजे कार्य शुरू कराया गया।
-डॉ. आभा आशुतोष, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल