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शहर में डेढ़ करोड़ से बनेगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
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बाराबंकी। शहर के पुलिस लाइन से एक किलोमीटर की दूरी में डेढ़ करोड़ की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। इससे आसपास के वार्डो में रहने वाले करीब तीस हजार की आबादी को फायदा पहुुंचेगा। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक कल्याण विभाग इसका निर्माण कराएगा। जल निगम को प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश से जलभराव और नालियों के जरिए घरों से निकलने वाले गंदे पानी को अब सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए दूर नाले में गिराया जाएगा। इससे जहां लोगों को कीचड़ युक्त पानी से निजात मिलेगी। वहीं लोगों की राह भी आसान होगी। शहर के पुलिस लाइन चौराहे से एक किलोमीटर की दूरी में एक सीवर प्लांट बनाने की तैयारी की जा रही है। जो पुलिस लाइन के चारों ओर से निकल कर देवा रोड के रास्ते से एक नाले तक बनाया जाएगा। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। पुलिस विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार का अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजा है। प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग ने इसका स्टीमेट बनाने के लिए जल निगम को दिशा निर्देश दिए हैं। इस माह जलनिगम स्टीमेट तैयार पूरी रिपोर्ट विभाग को देगा।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम ने कई विभागों को सौगातें दी हैं। इसी योजना के तहत इस सीवर प्लांट का निर्माण भी कराने की तैयारी की गई है। जल निगम से स्टीमेट बनने के बाद अल्पसंख्यक विभाग इसे केंद्र सरकार को भेजेगा। इसके बाद मिलने वाले बजट से सीवर प्लांट का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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इस सीवर प्लांट के बन जाने से पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के साथ ही आसपास के अभय नगर, ग्रीडगंज, सिविल लाइन आदि वार्डो के करीब तीस हजार आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। यहां के घरों से निकलने वाला गंदा पानी इसी सीवर प्लांट के रास्ते नाले में गिराया जाएगा। इसके साथ ही जलभराव से भी निजात मिलेगी।
पुलिस लाइन से एक किलोमीटर का सीवर प्लांट बनाने का प्रस्ताव मिला है। जिसका स्टीमेट बनाने के लिए जल निगम को भेजा गया है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा।
सोन कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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बारिश से जलभराव और नालियों के जरिए घरों से निकलने वाले गंदे पानी को अब सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए दूर नाले में गिराया जाएगा। इससे जहां लोगों को कीचड़ युक्त पानी से निजात मिलेगी। वहीं लोगों की राह भी आसान होगी। शहर के पुलिस लाइन चौराहे से एक किलोमीटर की दूरी में एक सीवर प्लांट बनाने की तैयारी की जा रही है। जो पुलिस लाइन के चारों ओर से निकल कर देवा रोड के रास्ते से एक नाले तक बनाया जाएगा। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। पुलिस विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार का अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजा है। प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग ने इसका स्टीमेट बनाने के लिए जल निगम को दिशा निर्देश दिए हैं। इस माह जलनिगम स्टीमेट तैयार पूरी रिपोर्ट विभाग को देगा।
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केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम ने कई विभागों को सौगातें दी हैं। इसी योजना के तहत इस सीवर प्लांट का निर्माण भी कराने की तैयारी की गई है। जल निगम से स्टीमेट बनने के बाद अल्पसंख्यक विभाग इसे केंद्र सरकार को भेजेगा। इसके बाद मिलने वाले बजट से सीवर प्लांट का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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इस सीवर प्लांट के बन जाने से पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के साथ ही आसपास के अभय नगर, ग्रीडगंज, सिविल लाइन आदि वार्डो के करीब तीस हजार आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। यहां के घरों से निकलने वाला गंदा पानी इसी सीवर प्लांट के रास्ते नाले में गिराया जाएगा। इसके साथ ही जलभराव से भी निजात मिलेगी।
पुलिस लाइन से एक किलोमीटर का सीवर प्लांट बनाने का प्रस्ताव मिला है। जिसका स्टीमेट बनाने के लिए जल निगम को भेजा गया है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा।
सोन कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।