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तीन हजार अपात्र ले रहे थे सम्मान निधि
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बाराबंकी। भूमिहीन, दंपती व नौकरीपेशा तीन हजार अपात्र लंबे समय से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। किसी के खाते में दो-दो तो किसी के खाते में आठ-आठ किस्त पहुंच गई। मगर, विभाग अंजान बना रहा।
हाल में ही भारत सरकार ने दो वर्ष की रैंडम सूची जिलेवार भेजकर जांच कराई तो सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्र पकड़ में आए। ऐसे अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के साथ अब कृषि विभाग नोटिस भेजकर प्राप्त की गई धनराशि की रिकवरी करेगा।
जिले में पांच लाख 45 हजार 499 किसान हैं। इनमें से चार लाख 55 हजार 113 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। मगर, अपात्रों को सम्मान निधि मिलने की शिकायतें भारत सरकार तक पहुंचीं।
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ऐसे में भारत सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लोगों की रैंडम सूची तैयार कर जिलेवार भेजी। इसमें वित्तीय वर्ष 20-21 के पांच प्रतिशत व वित्तीय वर्ष 2021-22 के 10 फीसदी किसानों को शामिल किया गया।
भारत सरकार से सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों की सूची मिलते ही कृषि विभाग ने अपने कर्मचारियों को लगाकर जांच कराई। ऐसे में वर्ष 2020-21 के 21,187 किसानों में से 20,096 पात्र तो 1091 किसान अपात्र मिले।
वहीं वर्ष 2021-22 के 43,629 किसानों में से 41,956 पात्र तो 1693 अपात्र मिले। वहीं करीब ढाई सौ अन्य किसान भी अपात्र पाए गए क्योंकि इनमें ज्यादातर भूमिहीन सम्मान निधि का लाभ रहे थे। वहीं दंपती व नौकरीपेशा लोगों को भी सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। (संवाद)
उपकृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने बताया कि भारत सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसानों की रैंडम सूची उपलब्ध कराई थी जिसकी जांच कराई गई तो करीब तीन हजार किसान अपात्र पाए गए। इनमें भूमिहीन, दंपती, नौकरीपेशा व मृतक भी शामिल हैं। ऐसे अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के साथ ही नोटिस भेजकर उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
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हाल में ही भारत सरकार ने दो वर्ष की रैंडम सूची जिलेवार भेजकर जांच कराई तो सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्र पकड़ में आए। ऐसे अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के साथ अब कृषि विभाग नोटिस भेजकर प्राप्त की गई धनराशि की रिकवरी करेगा।
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जिले में पांच लाख 45 हजार 499 किसान हैं। इनमें से चार लाख 55 हजार 113 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। मगर, अपात्रों को सम्मान निधि मिलने की शिकायतें भारत सरकार तक पहुंचीं।
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ऐसे में भारत सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लोगों की रैंडम सूची तैयार कर जिलेवार भेजी। इसमें वित्तीय वर्ष 20-21 के पांच प्रतिशत व वित्तीय वर्ष 2021-22 के 10 फीसदी किसानों को शामिल किया गया।
भारत सरकार से सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों की सूची मिलते ही कृषि विभाग ने अपने कर्मचारियों को लगाकर जांच कराई। ऐसे में वर्ष 2020-21 के 21,187 किसानों में से 20,096 पात्र तो 1091 किसान अपात्र मिले।
वहीं वर्ष 2021-22 के 43,629 किसानों में से 41,956 पात्र तो 1693 अपात्र मिले। वहीं करीब ढाई सौ अन्य किसान भी अपात्र पाए गए क्योंकि इनमें ज्यादातर भूमिहीन सम्मान निधि का लाभ रहे थे। वहीं दंपती व नौकरीपेशा लोगों को भी सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। (संवाद)
उपकृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने बताया कि भारत सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसानों की रैंडम सूची उपलब्ध कराई थी जिसकी जांच कराई गई तो करीब तीन हजार किसान अपात्र पाए गए। इनमें भूमिहीन, दंपती, नौकरीपेशा व मृतक भी शामिल हैं। ऐसे अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के साथ ही नोटिस भेजकर उनसे रिकवरी कराई जाएगी।