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Barabanki News: जीएसटी व वैट के तीन हजार बकायेदारों की होगी कुर्की
Sat, 05 Jul 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 05 Jul 2025 12:52 AM IST
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बाराबंकी। वैट व जीएसटी की बकाया राशि जमा न करने वाले डिफाल्टरों पर प्रशासन अब सख्ती करेगा। इसके तहत टैक्स न चुकाने वाले करीब तीन हजार बकायेदारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई तय होगी। टैक्स चुकाने में हीलाहवाली करने वाली फर्मों से वसूली और कुर्की न हो पाने से तीन हजार से ज्यादा फर्मों पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी बकाया है। वसूली के लिए अब जीएसटी विभाग और राजस्व टीम के साथ मिलकर कुर्की की कार्रवाई करेगा।
इस संबंध में डीएम शशांक त्रिपाठी ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर वसूली व कुर्की में सहयोग करने का निर्देश सभी एसडीएम को दिया है। सदर तहसील नवाबगंज के एसडीएम आनंद तिवारी ने जीएसटी विभाग के साथ राजस्व संग्रह अमीन और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की टीम बना दी है। सदर तहसील क्षेत्र में करीब एक हजार बकाएदार हैं। जीएसटी विभाग चार खंडों में बंटा है।
जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर अंचल अग्रवाल व ज्योत्सना सिंह ने राज्य कर अधिकारी भावेश तिवारी के साथ बृहस्पतिवार को तहसील नवाबगंज में एसडीएम के साथ बैठक कर वसूली और कुर्की के संबंध में प्रभावी रणनीति भी बनाई।
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उपायुक्त राज्यकर प्रेरणा सिंह का कहना है कि ज्यादातर बकाएदार वैट कर के हैं, जिनसे बकाया वसूली के लिए राजस्व कर्मियों के सहयोग से कुर्की की कार्रवाई की जानी है। कार, बाइक, लैपटॉप व मोबाइल फोन तक भी कुर्क किया जा सकता है। (संवाद)
मौके पर नहीं इकाईयां, वापस लौट रही नोटिस
वसूली व कुर्की के दायरे में चल रही कुछ औद्योगिक फर्में ऐसी भी हैं जिनका मौजूदा समय में कोई वजूद ही नहीं बचा है। एक संग्रह अमीन ने बताया कि महालक्ष्मी राईस मिल जरहरा पर सात लाख रुपये का जीएसटी बकाया है। न्यू टाटा ब्रिक फील्ड पाटमऊ पर पांच लाख का बकाया है।
पिछले सात-आठ साल से जीएसटी विभाग से भेजी जा रही कुर्की की नोटिस बिना रिसीव हुए ही वापस लौट आ रही है। मौके पर भी यह दोनों इकाईयां मौजूद नहीं है। इसलिए कुर्की की कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही है। इस तरह कई अन्य प्रतिष्ठान भी हैं। एसडीएम आनंद तिवारी ने बताया कि ऐसी फर्मों के मालिकों के निवास स्थलों का पता लगाकर कुर्की व वसूली की रणनीति बनाई जा रही है।
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इस संबंध में डीएम शशांक त्रिपाठी ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर वसूली व कुर्की में सहयोग करने का निर्देश सभी एसडीएम को दिया है। सदर तहसील नवाबगंज के एसडीएम आनंद तिवारी ने जीएसटी विभाग के साथ राजस्व संग्रह अमीन और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की टीम बना दी है। सदर तहसील क्षेत्र में करीब एक हजार बकाएदार हैं। जीएसटी विभाग चार खंडों में बंटा है।
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जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर अंचल अग्रवाल व ज्योत्सना सिंह ने राज्य कर अधिकारी भावेश तिवारी के साथ बृहस्पतिवार को तहसील नवाबगंज में एसडीएम के साथ बैठक कर वसूली और कुर्की के संबंध में प्रभावी रणनीति भी बनाई।
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उपायुक्त राज्यकर प्रेरणा सिंह का कहना है कि ज्यादातर बकाएदार वैट कर के हैं, जिनसे बकाया वसूली के लिए राजस्व कर्मियों के सहयोग से कुर्की की कार्रवाई की जानी है। कार, बाइक, लैपटॉप व मोबाइल फोन तक भी कुर्क किया जा सकता है। (संवाद)
मौके पर नहीं इकाईयां, वापस लौट रही नोटिस
वसूली व कुर्की के दायरे में चल रही कुछ औद्योगिक फर्में ऐसी भी हैं जिनका मौजूदा समय में कोई वजूद ही नहीं बचा है। एक संग्रह अमीन ने बताया कि महालक्ष्मी राईस मिल जरहरा पर सात लाख रुपये का जीएसटी बकाया है। न्यू टाटा ब्रिक फील्ड पाटमऊ पर पांच लाख का बकाया है।
पिछले सात-आठ साल से जीएसटी विभाग से भेजी जा रही कुर्की की नोटिस बिना रिसीव हुए ही वापस लौट आ रही है। मौके पर भी यह दोनों इकाईयां मौजूद नहीं है। इसलिए कुर्की की कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही है। इस तरह कई अन्य प्रतिष्ठान भी हैं। एसडीएम आनंद तिवारी ने बताया कि ऐसी फर्मों के मालिकों के निवास स्थलों का पता लगाकर कुर्की व वसूली की रणनीति बनाई जा रही है।