फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   There was a lot of excitement in Ram Barat and Lanka was burning somewhere

Barabanki News: राम बरात की धूम तो कहीं धू-धू कर जली लंका

Sat, 12 Oct 2024 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sat, 12 Oct 2024 12:11 AM IST
विज्ञापन
There was a lot of excitement in Ram Barat and Lanka was burning somewhere
बाराबंकी शहर की रामलीला के दौरान लंका दहन करते वीर हनुमान।  संवाद
दूर-दूर तक सुनाई पड़ी रावण की अट्टहास व हनुमान-रावण संवाद
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। जिले में हो रही रामलीलाओं में कहीं लंका दहन तो कहीं मेघनाद वध तो कहीं रावन की धू-धू कर जली लंका का मंचन हुआ। तो वहीं रावण की अट्टहास दूर-दूर तक सुनाई देती रही। इस दौरान कलाकारों के जीवंत मंचन और साज सज्जा ने दर्शकों को बांधे रखा। त्रिवेदीगंज के बबुआपुर गांव से निकाली गई में भजन गूंजते रहे। राम बरात निकली तो रास्ते में श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और फूल बरसाए।
शहर के दशहराबाग में रामलीला मंचन में शुक्रवार को लंका दहन का भव्य मंचन किया गया। इससे पूर्व हनुमान का अक्षय कुमार व मेघनाद के बीच घमासान युद्ध ने सभी को रोमांचित कर दिया। मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर जैसे ही रावण की सभा में पहुंचता है दूर-दूर तक लगे लाउडस्पीकर के चलते हनुमान-रावण संवाद और रावण की अट्टहास दूर-दूर तक गूंजती रही। रावण के कहने पर हनुमान की पूंछ में आग लगाने के बाद लंका धू-धू कर जल उठी।
विज्ञापन

रामनगर पक्का तालाब हनुमान मंदिर में सीता हरण का मंचन हुआ। आकाश मार्ग से जा रहे रावण का जटायु ने रास्ता रोका तो रावण ने जटायु के पंख काट दिए। वहीं सूरतगंज की रामलीला में लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध हुआ। इंद्रजीत मेघनाद ने अपने सभी दिव्यास्त्रों का प्रयोग किया। परास्त होता देख मेघनाथ ने वीरघातिनी अस्त्र का प्रयोग किया तो लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर गए। संजीवनी बूटी लाने का मनोहारी मंचन हुआ। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामसनेहीघाट के सुमेरगंज में सीता खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, रावण अंगद संवाद का मंचन किया गया। हनुमान जी सीता माता की खोज कर लंका जला देते हैं। विभीषण की राम भक्ति से क्रोधित रावण उनको लंका से निकाल देते हैं। राम के दूत अंगद दरबार में पहुंचते हैं और अपना पांव जमा देते हैं। फतेहपुर कस्बे में चल रही रामलीला में कैकेई राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगती हैं। राम को 14 वर्षों का वनवास व भरत का राजतिलक।

भगवान राम मां सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ माता की आज्ञा पाकर वनवास के लिए चल देते हैं। इसके बाद केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन हुआ। त्रिवेदीगंज बाबुआपुर गांव की रामलीला में श्रीराम बारात निकली। रामलीला मंच से श्रीराम समेत चारों भाई दूल्हा बन रथ पर सवार हुए। भव्य बरात में शिव, देवी दुर्गा, वीर हनुमान समेत देवी देवता शामिल हुए। बरात पुरवा गांव से भैरो मंदिर हो कर वापस रामलीला स्थल पहुंची। रास्ते महिलाओं बच्चों व अन्य ने आरती कर पुष्पवर्षा की। भक्ति गीत पर युवकों ने खूब नृत्य किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed