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Barabanki News: 50 हजार छात्रों का भविष्य यू-डायस पोर्टल पर अटका
Wed, 20 May 2026 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 20 May 2026 01:41 AM IST
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बाराबंकी। शिक्षा विभाग में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। नए शैक्षिक सत्र को शुरू हुए करीब डेढ़ माह का समय बीत चुका है और 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण स्कूल बंद होने जा रहे हैं। इसके बावजूद, जिले के 50,134 छात्र-छात्राओं की प्रोग्रेसिव रिपोर्ट अब तक यू-डायस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज नहीं की जा सकी है।
15 मई की तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा रहने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) नवीन कुमार पाठक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने समय पर डाटा फीड न करने वाले लापरवाह स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। इस डिजिटल लापरवाही में निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के 15 परिषदीय (सरकारी) स्कूल भी शामिल हैं।
3,865 स्कूलों का कार्य सराहनीय, 160 अब भी शून्य पर
आंकड़ों के मुताबिक, बाराबंकी के कुल 4,237 विद्यालयों में इस समय 6,55,379 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 3,865 स्कूलों ने समय पर जिम्मेदारी निभाते हुए शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग का सराहनीय कार्य किया है। इसके विपरीत, 160 स्कूल ऐसे हैं जो डिजिटल एंट्री के मामले में अब तक शून्य हैं, जबकि 212 विद्यालयों का कार्य बेहद असंतोषजनक पाया गया है।
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त्रिवेदीगंज ने बनाया कीर्तिमान, पूरेडलई सबसे फिसड्डी
ब्लॉकवार समीक्षा में त्रिवेदीगंज ब्लॉक के सभी 250 स्कूलों ने समय पर शत-प्रतिशत कार्य पूरा कर जिले में शिर्ष पर है। इसके उलट, पूरेडलई ब्लॉक की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां 24.77 फीसदी छात्रों की जानकारी गायब है। इसके अलावा सिद्धौर ब्लॉक में 19.20 प्रतिशत और हरख ब्लॉक में 12.12 प्रतिशत बच्चों की प्रगति रिपोर्ट अब भी लंबित है।
योजनाओं का बजट अटकने का खतरा
यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की प्रगति रिपोर्ट दर्ज न होने से न सिर्फ उन्हें अगली कक्षाओं में ऑनलाइन प्रमोट करने में समस्या आएगी, बल्कि सरकारी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, मुफ्त ड्रेस और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के बजट आवंटन में भी रुकावट आ सकती है।
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15 मई की तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा रहने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) नवीन कुमार पाठक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने समय पर डाटा फीड न करने वाले लापरवाह स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। इस डिजिटल लापरवाही में निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के 15 परिषदीय (सरकारी) स्कूल भी शामिल हैं।
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3,865 स्कूलों का कार्य सराहनीय, 160 अब भी शून्य पर
आंकड़ों के मुताबिक, बाराबंकी के कुल 4,237 विद्यालयों में इस समय 6,55,379 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 3,865 स्कूलों ने समय पर जिम्मेदारी निभाते हुए शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग का सराहनीय कार्य किया है। इसके विपरीत, 160 स्कूल ऐसे हैं जो डिजिटल एंट्री के मामले में अब तक शून्य हैं, जबकि 212 विद्यालयों का कार्य बेहद असंतोषजनक पाया गया है।
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त्रिवेदीगंज ने बनाया कीर्तिमान, पूरेडलई सबसे फिसड्डी
ब्लॉकवार समीक्षा में त्रिवेदीगंज ब्लॉक के सभी 250 स्कूलों ने समय पर शत-प्रतिशत कार्य पूरा कर जिले में शिर्ष पर है। इसके उलट, पूरेडलई ब्लॉक की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां 24.77 फीसदी छात्रों की जानकारी गायब है। इसके अलावा सिद्धौर ब्लॉक में 19.20 प्रतिशत और हरख ब्लॉक में 12.12 प्रतिशत बच्चों की प्रगति रिपोर्ट अब भी लंबित है।
योजनाओं का बजट अटकने का खतरा
यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की प्रगति रिपोर्ट दर्ज न होने से न सिर्फ उन्हें अगली कक्षाओं में ऑनलाइन प्रमोट करने में समस्या आएगी, बल्कि सरकारी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, मुफ्त ड्रेस और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के बजट आवंटन में भी रुकावट आ सकती है।