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फूलों से महका मां का दरबार, भक्तों ने की ब्रहमचारिणी की पूजा

Wed, 14 Apr 2021 11:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 11:53 PM IST
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The court of the mother was decorated with flowers, devotees worshiped Brahmacharini
बाराबंकी। नवरात्र को लेकर शहर स्थित बड़ी देवी मंदिर में आरती करते पुजारी। - फोटो : BARABANKI
बाराबंकी। गुलाब व गेंदे के फूलों से महकता मां का दरबार। हाथों में पूजा की थाली लिए दूर-दूर खड़े अपनी बारी का इंतजार करते भक्त। ऐसा नजारा बुधवार सुबह बड़ी देवी मंदिर व धनोखर मंदिर में दिखाई दिया। मां के गूंजते जयकारे के बीच शहर के देवी मंदिरों में बुधवार को मास्क लगाए पहुंचे भक्तों ने माता दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की।
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नवरात्र के दूसरे दिन बुधवार को ब्रह्मलोक की संचालिका और सृष्टि का विस्तार करने वाली माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। बड़ी देवी मंदिर मेें गुलाब व गेंदे के फूल व चुनरी से मां का श्रंगार हुआ। आकर्षक रूप से सजी व फूलों से सुसज्जित माता की आभा देखते ही बनी। कोरोना संक्रमण के डर से मंदिरों में भीड़ कम ही दिखाई दी। पूजा करने आए भक्त मास्क लगाए और दूर दूर खड़े दिखाई दिए। नाइट कर्फ्यू के चलते पूजा व आरती का शेड्यूल भी बदल गया है। बड़ी मंदिर में शाम की आरती भी समय से पहले हुई। शहर में बड़ी माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, छोटी देवी मंदिर, भुईहारे माता मंदिर, पूर्वी देवी मंदिर में भी माता के जयकारों के बीच भक्तों ने पूजा की।
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कम रही भक्तों की संख्या
कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में भक्तों की भीड़ नजर नहीं आ रही है। बीबीपुर स्थित प्राचीन देवी मंदिर में भक्तों ने पूजा अर्चना कर मंगल कामना की। बीते वर्षो में इस मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती थी लेकिन इस बार भक्तों की संख्या कम ही रही।
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सुख-समृद्धि का पर्व है नवरात्र
नवरात्र सुख-समृद्धि का पर्व है और देवी दुर्गा ऊर्जा का प्रतीक हैं। देवी को वस्तुत: जीवन जगत की सर्वशक्ति का स्वरूप ही नहीं कारक, पालक, निवारक भी माना गया है। वही लक्ष्मीरूपा हैं तो सरस्वती रूपा, शक्तिरूपा हैं और मां भगवती श्रद्धा से लेकर कामना रूपों तक प्रत्येक भाव अनुभाव और रूपों का स्वरूप हैं।
-ज्योतिषाचार्य पं. सीताराम तिवारी
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