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टेरा माइनर कटी, 600 बीघा फसल जलमग्न
बाराबंकी/ अमर उजाला ब्यूूराो
Updated Thu, 06 Aug 2015 10:59 PM IST
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विभागीय देखरेख के अभाव में बुधवार देर रात टेरा माइनर टेरा गांव के पास पांच मीटर कट गई जिससे आसपास की 6 सौ बीघा धान, अरहर, उरद की फसल जलमग्न हो गई। खेत में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। खेत गए एक ग्रामीण ने माइनर कटने की जानकारी गांव वालों को दी।
ग्रामीणों ने कटान बंद करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए तो ग्रामीणों ने माइनर की कटने की जानकारी सींचपाल को दी लेकिन विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीण माइनर कटान को बंद करने में लगे रहे। करीब बारह घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान बांधना शुरू किया। गुरुवार शाम तक माइनर नहीं पाटी जा सकी।
विकास खंड मसौली के ग्राम टेरा के पास बुधवार रात करीब दस बजे टेरा माइनर कट गई जिससे माइनर का पानी आस पास के खेतों में भर गया। रात में ही खेत गए ग्रामीण (जवाहर लाल) ने खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को माइनर कटने की जानकारी दी।
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ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। तेज बहाव के कारण माइनर करीब पांच मीटर कट गई। रात में ही ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
माइनर कटने से धान, अरहर, उरद आदि की 6 सौ बीघा खेत समेत फसल डूब गई जिसमें जवाहर लाल की साढ़े पांच बीघा धान, हनोमान की 10 बीघा, पवन की छह बीघा, अरविंद की साढ़े पांच बीघा, आसाराम की छह बीघा, जयकरन 12 बीघा, महादेव 10 बीघा, रामू की 5 बीघा, प्रेम चंद्र की 3 बीघा, कुंवारे की साढ़े सात बीघा धान की फसल, राकेश, अर्जुन की अरहर व उरद की फसल पानी में डूब गई।
खेतों में पानी भर जाने से फसल समेत करीब 6 सौ बीघा खेत जलमग्न हो गए। इन ग्रामीणों ने बताया कि धान को पानी की जरूरत है, लेकिन फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो सकती है। बताया कि इस साल माइनर की सफाई नहीं कराई गई। जिससे माइनर ओवर फ्लो हो गई जिसके चलते माइनर में कटान हो रही है।
करीब 12 घंटे बाद गुरुवार दस बजे मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान को पाटना शुरू किया। सिंचाई कर्मचारियों के साथ ग्रामीण भी माइनर की कटान को पाटने में लगे रहे, लेकिन शाम तक कटान पाटी नहीं जा सकी।
सिंचाई अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को भेजा गया है, माइनर की पटान कराई जा रही है। माइनर की पटरी जहां पर कमजोर है उसको दुरुस्त कराया जाएगा। माइनर कटान का कारण सिल्ट के अलावा और भी है। किसान खेत सींचने के लिए जगह-जगह माइनर के किनारों को काट लेते हैं और खेत सींच लेते है। उसके बाद उसकी पटान ढंग से नहीं करते। पानी का बहाव तेज होने पर ऐसे ही स्थानों से माइनर कट जाती है।
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ग्रामीणों ने कटान बंद करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए तो ग्रामीणों ने माइनर की कटने की जानकारी सींचपाल को दी लेकिन विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीण माइनर कटान को बंद करने में लगे रहे। करीब बारह घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान बांधना शुरू किया। गुरुवार शाम तक माइनर नहीं पाटी जा सकी।
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विकास खंड मसौली के ग्राम टेरा के पास बुधवार रात करीब दस बजे टेरा माइनर कट गई जिससे माइनर का पानी आस पास के खेतों में भर गया। रात में ही खेत गए ग्रामीण (जवाहर लाल) ने खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को माइनर कटने की जानकारी दी।
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ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। तेज बहाव के कारण माइनर करीब पांच मीटर कट गई। रात में ही ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
माइनर कटने से धान, अरहर, उरद आदि की 6 सौ बीघा खेत समेत फसल डूब गई जिसमें जवाहर लाल की साढ़े पांच बीघा धान, हनोमान की 10 बीघा, पवन की छह बीघा, अरविंद की साढ़े पांच बीघा, आसाराम की छह बीघा, जयकरन 12 बीघा, महादेव 10 बीघा, रामू की 5 बीघा, प्रेम चंद्र की 3 बीघा, कुंवारे की साढ़े सात बीघा धान की फसल, राकेश, अर्जुन की अरहर व उरद की फसल पानी में डूब गई।
खेतों में पानी भर जाने से फसल समेत करीब 6 सौ बीघा खेत जलमग्न हो गए। इन ग्रामीणों ने बताया कि धान को पानी की जरूरत है, लेकिन फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो सकती है। बताया कि इस साल माइनर की सफाई नहीं कराई गई। जिससे माइनर ओवर फ्लो हो गई जिसके चलते माइनर में कटान हो रही है।
करीब 12 घंटे बाद गुरुवार दस बजे मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान को पाटना शुरू किया। सिंचाई कर्मचारियों के साथ ग्रामीण भी माइनर की कटान को पाटने में लगे रहे, लेकिन शाम तक कटान पाटी नहीं जा सकी।
सिंचाई अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को भेजा गया है, माइनर की पटान कराई जा रही है। माइनर की पटरी जहां पर कमजोर है उसको दुरुस्त कराया जाएगा। माइनर कटान का कारण सिल्ट के अलावा और भी है। किसान खेत सींचने के लिए जगह-जगह माइनर के किनारों को काट लेते हैं और खेत सींच लेते है। उसके बाद उसकी पटान ढंग से नहीं करते। पानी का बहाव तेज होने पर ऐसे ही स्थानों से माइनर कट जाती है।