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Barabanki News: ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षक, प्रदर्शन
Tue, 09 Jul 2024 06:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:14 AM IST
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कंपोजिट विद्यालय मरौचा में काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करते शिक्षक। संवाद
बाराबंकी। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी व डिजिटलाइजेशन का शिक्षकों ने बहिष्कार शुरू कर दिया है। सोमवार को जहां प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिले भर में शिक्षक-शिक्षिकाएं बांह पर काली पट्टी बांध कर स्कूल पहुंचे, वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ व महिला शिक्षक संघ ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे। कहा कि ऑनलाइन हाजिरी नहीं देंगे।
स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति के साथ सभी रजिस्टर डिजिटल कर दिए गए हैं। 15 जुलाई से शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति देने व सेल्फी अपलोड करने का निर्देश है। इसी को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने एक दिन पहले ही काली पट्टी बांधकर काम करने की घोषणा की। इसे लेकर सोमवार को शिक्षक-शिक्षिकाएं बाह में काली पट्टी बांध कर स्कूल पहुंचे।
वहीं, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर शिक्षकों ने डीएम कार्यालय में एसडीएम प्रीति सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों को राज्यकर्मियों की भांति 30 ईएल प्रदान करने, हाफ डे लीव, अवकाश के दिनों में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश की सुविधा प्रदान करने समेत कई अन्य मांगें भी शामिल हैं।
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इस मौके पर अटेवा के संयोजक अमित वर्मा, यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, पवन शंकर दीक्षित, नरेंद्र प्रकाश मिश्रा, संतोष वर्मा, सुभाष तिवारी, शिवशरण, रामकिशन, विजय प्रताप सिंह समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
महिला शिक्षकों ने भरी हुंकार, कहा-बढ़ रहा दबाव
महिला शिक्षक संघ ने भी डिजिटलाइजेशन व ऑनलाइन उपस्थिती का विरोध किया। शिक्षिकाओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष अलका गौतम की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया और सीएम योगी को ज्ञापन भेजा। एक स्वर में कहा कि सबसे पहले हमें हाफ आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाए। विषम परिस्थितियों में अगर देर हो जाती है तो स्पष्टीकरण के साथ उनकी उपस्थिति मान्य हो। शिक्षक नेता रंजना सहाय ने कहा कि आवश्यकताओं को पूरा किए बिना ऑनलाइन उपस्थिति से मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
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स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति के साथ सभी रजिस्टर डिजिटल कर दिए गए हैं। 15 जुलाई से शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति देने व सेल्फी अपलोड करने का निर्देश है। इसी को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने एक दिन पहले ही काली पट्टी बांधकर काम करने की घोषणा की। इसे लेकर सोमवार को शिक्षक-शिक्षिकाएं बाह में काली पट्टी बांध कर स्कूल पहुंचे।
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वहीं, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर शिक्षकों ने डीएम कार्यालय में एसडीएम प्रीति सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों को राज्यकर्मियों की भांति 30 ईएल प्रदान करने, हाफ डे लीव, अवकाश के दिनों में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश की सुविधा प्रदान करने समेत कई अन्य मांगें भी शामिल हैं।
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इस मौके पर अटेवा के संयोजक अमित वर्मा, यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, पवन शंकर दीक्षित, नरेंद्र प्रकाश मिश्रा, संतोष वर्मा, सुभाष तिवारी, शिवशरण, रामकिशन, विजय प्रताप सिंह समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
महिला शिक्षकों ने भरी हुंकार, कहा-बढ़ रहा दबाव
महिला शिक्षक संघ ने भी डिजिटलाइजेशन व ऑनलाइन उपस्थिती का विरोध किया। शिक्षिकाओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष अलका गौतम की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया और सीएम योगी को ज्ञापन भेजा। एक स्वर में कहा कि सबसे पहले हमें हाफ आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाए। विषम परिस्थितियों में अगर देर हो जाती है तो स्पष्टीकरण के साथ उनकी उपस्थिति मान्य हो। शिक्षक नेता रंजना सहाय ने कहा कि आवश्यकताओं को पूरा किए बिना ऑनलाइन उपस्थिति से मानसिक दबाव बढ़ रहा है।