फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Teacher can not write Ramnagar

रामनगर नहीं लिख पाईं शिक्षिका

Tue, 18 Apr 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 18 Apr 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
Teacher can not write Ramnagar
जिले की बदहाल प्राथमिक शिक्षा की एक तस्वीर प्राथमिक विद्यालय बुढ़वल शुगरमिल में प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल को देखने को मिली। आधे घंटे के निरीक्षण में उन्हें तमाम खामियां मिलीं। जहां बच्चे ककहरा नहीं सुना पाए वहीं, शिक्षिका रजिस्टर पर ठीक से रामनगर नहीं लिख पाईं। ब्लैक बोर्ड पर 18 की जगह 15 तारीख ही लिखी थी। इमला जो बोला गया, उसमें गलतियां ही गलतियां थीं। गंदगी और मात्र छह बच्चों की उपस्थित देख मंत्री का पारा चढ़ गया।
विज्ञापन


उन्होंने शिक्षिकाओं और एबीएसए को जमकर फटकार लगाई। मंगलवार दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल बहराइच-लखनऊ मार्ग के निकट बुढ़वल शुगरमिल प्राथमिक विद्यालय पहुंची। वहां दो शिक्षिकाएं रागिनी और संजू मौजूद थी। बेसिक शिक्षा मंत्री ने सवाल किया, कितने बच्चे पंजीकृत हैं। इस पर जवाब मिला 35, कितने आए, जवाब मिलता इससे पहले किसी ने कहा सिर्फ छह बच्चे मौजूद हैं, वे भी बिना ड्रेस के।
विज्ञापन


दूसरा सवाल, आज क्या पढ़ाया। इस पर शिक्षिका ने उत्तर दिया कि हिन्दी में इमला बोला गया। बच्चों से कॉपी मांग चेक किया तो कई गलतियां मिली। फिर पूछा कॉपी चेक क्यों नहीं की गई। इस शिक्षिकाएं जवाब नहीं दे सकी। मंत्री ने बच्चों से पूछा एबीसीडी आती है। जवाब मिला नहीं। ककहरा पढ़ने को कहा, तब भी बच्चे चुप ही रहे। खफा मंत्री ने उपस्थित रजिस्टर मांगा। उसमें एक शिक्षिका द्वारा रामनगर की जगह (रामनग) लिखा मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा, जब आप लोग खुद ही लिख पढ़ नहीं पाते हो तो बच्चों को क्या पढ़ाओगे। इतना ही नहीं ब्लैक बोर्ड पर 15 अप्रैल लिखा देख मंत्री ने शिक्षिका से आज की तारीख पूछी। उन्होंने कहा कि यहां पढ़ाई नही हो रही है। बेसिक शिक्षामंत्री ने बच्चों से ड्रेस में न आने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि ड्रेस गंदी थी, इसलिए पहनकर नहीं आए। मंत्री ने बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हुए नियमित विद्यालय आने को कहा। उन्होंने बीईओ को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के साथ ही पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed