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तहसील के पास रहते हुए मिले संदिग्ध
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बाराबंकी। तहसील के आवासीय परिसर के समीप अवैध तरीके आवास बनाकर लंबे समय से कुछ बाहरी संदिग्ध रह रहे थे। मगर, इसकी खबर प्रशासन व पुलिस को नहीं हुई। महिलाओं की शिकायतों पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दिव्यांशु पटेल ने जांच कराई तो वह अवाक रह गए।
उन्होंने संदिग्धों से कागजात तलब करने का नोटिस दिया जिसके बाद से सभी फरार हो गए। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फरार लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए। इसके साथ ही बैरिकेडिंग करवाकर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी।
मामला तहसील रामसनेहीघाट की है। यहां एसडीएम, तहसीलदार समेत कई अधिकारियों के आवास स्थित हैं। इसी के पास रिक्त पड़ी भूमि पर बिहार के कटिहार जिले के कुछ संदिग्ध लोग धीरे-धीरे आवास बनाकर रहने लगे। मगर, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जबकि सप्ताह के कुछ विशेष दिनों में यहां पर लोगों की भीड़ जुटती थी और बंद कमरे में क्या होता था, इसे लेकर किसी को कोई खबर नहीं।
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आसपास रहने वाली कुछ महिलाओं ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी तो उन्होंने संदिग्धों की जांच कराई। नोटिस देकर कागजात मांगे। मगर, संदिग्ध बाद में फरार हो गए। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तहसील कॉलोनी में रहने वाले लोगों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने फरार लोगों की तलाश के निर्देश पुलिस को दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बैरिकेडिंग कराते हुए आवासीय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। चारदीवारी पर नोटिस चस्पा कराते हुए तहसील स्थित आवासीय परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर रोक की मुनादी भी पिटवा दी। परिसर की सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
रामसनेहीघाट के एसडीएम दिव्यांशु पटेल ने बताया कि तहसील की आवासीय कालोनी में कुछ संदिग्ध लंबे समय से रह रहे थे। धीरे-धीरे एक कमरा भी बना लिया। इसकी जानकारी होने पर पता कराया गया तो यह भूमि तहसील की मिली। इस पर उनसे कागजात मांगे गए तो सभी फरार हो गए। पता करने पर वे बिहार के कटिहार के पाए गए। ऐसे में संदिग्धों की तलाश कर कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए गए है। आवासीय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
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उन्होंने संदिग्धों से कागजात तलब करने का नोटिस दिया जिसके बाद से सभी फरार हो गए। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फरार लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए। इसके साथ ही बैरिकेडिंग करवाकर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी।
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मामला तहसील रामसनेहीघाट की है। यहां एसडीएम, तहसीलदार समेत कई अधिकारियों के आवास स्थित हैं। इसी के पास रिक्त पड़ी भूमि पर बिहार के कटिहार जिले के कुछ संदिग्ध लोग धीरे-धीरे आवास बनाकर रहने लगे। मगर, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जबकि सप्ताह के कुछ विशेष दिनों में यहां पर लोगों की भीड़ जुटती थी और बंद कमरे में क्या होता था, इसे लेकर किसी को कोई खबर नहीं।
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आसपास रहने वाली कुछ महिलाओं ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी तो उन्होंने संदिग्धों की जांच कराई। नोटिस देकर कागजात मांगे। मगर, संदिग्ध बाद में फरार हो गए। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तहसील कॉलोनी में रहने वाले लोगों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने फरार लोगों की तलाश के निर्देश पुलिस को दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बैरिकेडिंग कराते हुए आवासीय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। चारदीवारी पर नोटिस चस्पा कराते हुए तहसील स्थित आवासीय परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर रोक की मुनादी भी पिटवा दी। परिसर की सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
रामसनेहीघाट के एसडीएम दिव्यांशु पटेल ने बताया कि तहसील की आवासीय कालोनी में कुछ संदिग्ध लंबे समय से रह रहे थे। धीरे-धीरे एक कमरा भी बना लिया। इसकी जानकारी होने पर पता कराया गया तो यह भूमि तहसील की मिली। इस पर उनसे कागजात मांगे गए तो सभी फरार हो गए। पता करने पर वे बिहार के कटिहार के पाए गए। ऐसे में संदिग्धों की तलाश कर कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए गए है। आवासीय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।