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ईडी की दस्तक से शुगर मिल की सम्पत्ति पर हक जताने वालों में हड़कंप
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बाराबंकी। प्रवर्तन निदेशालय की दस्तक के बाद बंद पड़ी बाराबंकी शुगर मिल की जमीन पर अपना हक जताकर अवैध प्लॉटिंग व कब्जा करने वालों की धड़कने बढ़ गईं हैं। शुक्रवार को यहां पहुंची ईडी की टीम ने सीलिंग के साथ सम्पति को अपने कब्जे में ही नहीं लिया। बल्कि प्रवेश पर रोक व नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इसके बाद शुगर मिल की जमीन पर प्लॉटिंग करने व प्लॉट खरीदने वालों में हड़कंप मच गया है।
बाराबंकी शुगर मिल की सम्पत्ति पहले से ही दो मार्गों बाराबंकी-देवा और ग्वारी रोड पर होने के कारण बेशकीमती थी। ऐसे में इससे पहले देवा मार्ग के रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद शुगर मिल की जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी। आवास के साथ कॉमर्शियल जमीन इस पॉश इलाके में न होने के कारण इस भूमि पर भूमाफिया की काफी समय से नजरें थीं। ऐसे में शुगर मिल बंद होने के बाद जहां कुछ अवैध कब्जेदारों ने पहले ही अपना कब्जा जमा लिया।
वहीं कुछ लोगों ने बसपा सरकार में शुगर मिल की जमीन खरीदने वालों से सांठगांठ कर शुगर मिल के चारों ओर खाली पड़ी बेशकीमती जमीन पर प्लॉटिंग व बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा कर लिया। मामला पुलिस-प्रशासन व कोर्ट तक पहुंचा। मगर, बेशकीमती जमीन होने के कारण शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारियों का भाव लगा मुंह बंद करा दिया गया। अब एक बार फिर इस नवरात्र पर यहां पर कई प्लॉटों के खरीदारों की रजिस्ट्री तक होनी थी। जिसको लेकर इन दिनों प्लॉॅट देखने आने वालों से बयाना तक लिया जा रहा था।
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मगर, इससे पहले ही ईडी की कार्रवाई से अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। इतना ही नहीं शुगर मिल पर मकान व प्रतिष्ठान बनाकर रह रहे लोगों की भी धड़कने बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अजय गुप्ता ने मिल की सीलिंग के बाद अवैध प्रवेश व नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश तहसील व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं।
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बाराबंकी शुगर मिल की सम्पत्ति पहले से ही दो मार्गों बाराबंकी-देवा और ग्वारी रोड पर होने के कारण बेशकीमती थी। ऐसे में इससे पहले देवा मार्ग के रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद शुगर मिल की जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी। आवास के साथ कॉमर्शियल जमीन इस पॉश इलाके में न होने के कारण इस भूमि पर भूमाफिया की काफी समय से नजरें थीं। ऐसे में शुगर मिल बंद होने के बाद जहां कुछ अवैध कब्जेदारों ने पहले ही अपना कब्जा जमा लिया।
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वहीं कुछ लोगों ने बसपा सरकार में शुगर मिल की जमीन खरीदने वालों से सांठगांठ कर शुगर मिल के चारों ओर खाली पड़ी बेशकीमती जमीन पर प्लॉटिंग व बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा कर लिया। मामला पुलिस-प्रशासन व कोर्ट तक पहुंचा। मगर, बेशकीमती जमीन होने के कारण शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारियों का भाव लगा मुंह बंद करा दिया गया। अब एक बार फिर इस नवरात्र पर यहां पर कई प्लॉटों के खरीदारों की रजिस्ट्री तक होनी थी। जिसको लेकर इन दिनों प्लॉॅट देखने आने वालों से बयाना तक लिया जा रहा था।
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मगर, इससे पहले ही ईडी की कार्रवाई से अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। इतना ही नहीं शुगर मिल पर मकान व प्रतिष्ठान बनाकर रह रहे लोगों की भी धड़कने बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अजय गुप्ता ने मिल की सीलिंग के बाद अवैध प्रवेश व नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश तहसील व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं।