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Barabanki News: खुले में रखे ट्रांसफार्मर, सुरक्षा के मानक दरकिनार
Thu, 21 Nov 2024 02:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:01 AM IST
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बड़डूपुर (बाराबंकी)। पॉवर कार्पोरेशन के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसों को दावत दे रहे हैं। इन ट्रांसफार्मरों को मानक के इतर खुले में ही रख दिया गया है। कई जगह तो ट्रांसफार्मरों के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगने वाली जाली तक नहीं लगाई गई है।
नियमानुसार ट्रांसफार्मर रखने के लिए चबूतरे का निर्माण होना जरूरी है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग के साथ ही ट्रांसफार्मर को जाली के घेरे में रखना भी जरूरी है। इसके बावजूद कस्बे में बड़डूपुर तिराहा, शम्भू होटल समेत कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। इन ट्रांसफार्मरों पर लोहे की जाली न होने से इनके आसपास खुले व टूटे बिजली के तार सड़क पर पड़े हैं।
बड़डूपुर निवासी हरिनाम वर्मा ने बताया कि इससे ट्रांसफार्मर के पास से गुजरने वाले राहगीरों को पूरे समय तार में दौड़ रहे करंट के चपेट में आने का खतरा बना रहता है। इसकी शिकायत को अनसुना कर बिजली विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। जेई अनिल पाल का कहना कि काफी ट्रांसफार्मरों पर लोहे की जाली लगाई गई है अगर कोई रह गया है तो उसमें भी लोहे की जाली लगवा दी जाएगी।
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बिजली चोरी और लाइन लॉस पर अंकुश लगाने के लिए शहर में करीब 27 करोड़ की लागत से 14.78 किलोमीटर भूमिगत लाइन बिछाई गई और जगह-जगह कंट्रोल बाॅक्स लगाए गए हैं। देखरेख के अभाव में कंट्रोल बाॅक्स बदहाल पड़े हैं, ढक्कन टूटे पड़े हैं तो कहीं तार लटक रहे हैं।
शहर में हजाराबाग, लखपेड़ाबाग, पंचशील कॉलोनी, महर्षि नगर, फैजुल्लागंज आदि मोहल्ले में भूमिगत लाइन बिछाई गई और जगह-जगह कंट्रोल बाॅक्स लगाए गए थे। देखरेख के अभाव में कंट्रोल बॉक्स खराब हो गए हैं। लखपेड़ाबाग में कंट्रोल बाॅक्स बदहाल पड़ा है। ढक्कन आदि गायब हैं, तारों को सीधे जोड़ कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। करीब एक वर्ष पूर्व कंट्रोल बाॅक्स में करंट आने से एक मवेशी की मौत तक हो चुकी है।
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नियमानुसार ट्रांसफार्मर रखने के लिए चबूतरे का निर्माण होना जरूरी है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग के साथ ही ट्रांसफार्मर को जाली के घेरे में रखना भी जरूरी है। इसके बावजूद कस्बे में बड़डूपुर तिराहा, शम्भू होटल समेत कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। इन ट्रांसफार्मरों पर लोहे की जाली न होने से इनके आसपास खुले व टूटे बिजली के तार सड़क पर पड़े हैं।
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बड़डूपुर निवासी हरिनाम वर्मा ने बताया कि इससे ट्रांसफार्मर के पास से गुजरने वाले राहगीरों को पूरे समय तार में दौड़ रहे करंट के चपेट में आने का खतरा बना रहता है। इसकी शिकायत को अनसुना कर बिजली विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। जेई अनिल पाल का कहना कि काफी ट्रांसफार्मरों पर लोहे की जाली लगाई गई है अगर कोई रह गया है तो उसमें भी लोहे की जाली लगवा दी जाएगी।
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बिजली चोरी और लाइन लॉस पर अंकुश लगाने के लिए शहर में करीब 27 करोड़ की लागत से 14.78 किलोमीटर भूमिगत लाइन बिछाई गई और जगह-जगह कंट्रोल बाॅक्स लगाए गए हैं। देखरेख के अभाव में कंट्रोल बाॅक्स बदहाल पड़े हैं, ढक्कन टूटे पड़े हैं तो कहीं तार लटक रहे हैं।
शहर में हजाराबाग, लखपेड़ाबाग, पंचशील कॉलोनी, महर्षि नगर, फैजुल्लागंज आदि मोहल्ले में भूमिगत लाइन बिछाई गई और जगह-जगह कंट्रोल बाॅक्स लगाए गए थे। देखरेख के अभाव में कंट्रोल बॉक्स खराब हो गए हैं। लखपेड़ाबाग में कंट्रोल बाॅक्स बदहाल पड़ा है। ढक्कन आदि गायब हैं, तारों को सीधे जोड़ कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। करीब एक वर्ष पूर्व कंट्रोल बाॅक्स में करंट आने से एक मवेशी की मौत तक हो चुकी है।