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Barabanki News: लंबी छुट्टी के बाद खुले स्कूल, गर्मी के चलते कम आए बच्चे
Fri, 26 Jun 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:45 AM IST
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बाराबंकी। भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच बृहस्पतिवार को जनपद के परिषदीय विद्यालयों के ताले तो खुल गए लेकिन नौनिहालों की उपस्थिति बेहद कम रही। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सरकार ने मौसम के कड़े मिजाज को देखते हुए पहले 24 जून तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया था। हालांकि, शिक्षकों को दो दिन पहले ही बुलाकर स्कूल परिसर की साफ-सफाई और शिक्षण व्यवस्था सुचारू करने के कड़े निर्देश दिए गए थे।
बृहस्पतिवार को स्कूलों में गुरुजी तो समय से चाक-चौबंद होकर पहुंचे, लेकिन क्लासरूम पूरी तरह खाली नजर आए। लू और उमस के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से बचते दिखे। शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया ताकि आने वाले दिनों में उपस्थिति बढ़ाई जा सके। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक की लंबी टाइमिंग भी कम उपस्थिति का कारण बताई जा रही है।
फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार- क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बसारा में पहले दिन 280 पंजीकृत बच्चों में से मात्र 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। वहीं, प्राथमिक विद्यालय रंजीतपुर में 105 नामांकित बच्चों में से सिर्फ 18 छात्र ही उपस्थित दर्ज करा सके।
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घुंघटेर प्रतिनिधि के अनुसार- निंदूरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिडसावा में पहले दिन यहां इक्का-दुक्का बच्चे ही पहुंचे। अध्यापिकाओं ने उनकाे रोली-चंदन का टीका लगाकर और स्वागत गीत गाकर अभिनंदन किया ताकि बच्चों का उत्साह बना रहे।
सआदतगंज प्रतिनिधि के अनुसार- अनूपगंज परिषदीय विद्यालय में पहले दिन शिक्षक खुद झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई करवाते नजर आए। वहीं, कंपोजिट विद्यालय सआदतगंज में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए प्रधानाध्यापक शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचे।
वर्जन
सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का सघन निरीक्षण करें। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था, ओआरएस के पैकेट और हर कक्षा में चालू पंखों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए शिक्षक अभिभावकों से संवाद कर रहे हैं। अभी विद्यालय के समय परिवर्तन का कोई आदेश नहीं मिला है। आने के बाद पालन कराया जाएगा।
- नवीन कुमार पाठक, बीएसए
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बृहस्पतिवार को स्कूलों में गुरुजी तो समय से चाक-चौबंद होकर पहुंचे, लेकिन क्लासरूम पूरी तरह खाली नजर आए। लू और उमस के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से बचते दिखे। शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया ताकि आने वाले दिनों में उपस्थिति बढ़ाई जा सके। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक की लंबी टाइमिंग भी कम उपस्थिति का कारण बताई जा रही है।
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फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार- क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बसारा में पहले दिन 280 पंजीकृत बच्चों में से मात्र 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। वहीं, प्राथमिक विद्यालय रंजीतपुर में 105 नामांकित बच्चों में से सिर्फ 18 छात्र ही उपस्थित दर्ज करा सके।
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घुंघटेर प्रतिनिधि के अनुसार- निंदूरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिडसावा में पहले दिन यहां इक्का-दुक्का बच्चे ही पहुंचे। अध्यापिकाओं ने उनकाे रोली-चंदन का टीका लगाकर और स्वागत गीत गाकर अभिनंदन किया ताकि बच्चों का उत्साह बना रहे।
सआदतगंज प्रतिनिधि के अनुसार- अनूपगंज परिषदीय विद्यालय में पहले दिन शिक्षक खुद झाड़ू-पोछा और साफ-सफाई करवाते नजर आए। वहीं, कंपोजिट विद्यालय सआदतगंज में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए प्रधानाध्यापक शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचे।
वर्जन
सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का सघन निरीक्षण करें। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था, ओआरएस के पैकेट और हर कक्षा में चालू पंखों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए शिक्षक अभिभावकों से संवाद कर रहे हैं। अभी विद्यालय के समय परिवर्तन का कोई आदेश नहीं मिला है। आने के बाद पालन कराया जाएगा।
- नवीन कुमार पाठक, बीएसए