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15 दिनों से भूखे पेट लौट रहे नौनिहाल, नहीं बन रहा एमडीएम
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जैदपुर (बाराबंकी) पिछले 15 दिन से स्कूल में पढ़ने वाले नौनिहाल भूखे पेट लौट रहे हैं। एक ओर जहां कोटेदार राशन नहीं दे रहे हैं वहीं प्रधान द्वारा भी इस मामले में कोई कोशिश नहीं की जा रही है। इन दोनों की लापरवाही से स्कूल में पढ़ने वाले 275 बच्चों को मिड डे मील का लाभ मिलना बंद हो गया है।
विकासखंड हरख की ग्राम पंचायत मौथरी में स्थित कम्पोजिट विद्यालय में कुल 275 बच्चे कक्षा एक से लेकर आठ तक पढ़ने आते हैं लेकिन पिछले 15 दिनों से इनको एक बार भी मध्याह्न भोजन नहीं दिया गया है। ऐसे में यह सब नौनिहाल अपने घर लंच के समय में खाना खाने जाते हैं। जहां पर सरकार कोरोना काल के समय बंद स्कूल होने पर बच्चों के घर तक मिड-डे मील का राशन देती थी। वहीं स्कूल खुलने के बाद भी मौथरी के कोटेदार स्कूल का राशन देने के लिए प्रधानाचार्य शिवराम वर्मा को मना कर दिया हैं।
ऐसे में जब प्रधानाचार्य ने प्रधान रामसमुझ से राशन दिलाने के लिए कहा तो उन्होंने भी साफ इंकार कर दिया। जब जिम्मेदार इस तरह की धांधली बच्चों के भोजन के साथ करेंगे फिर तो देश का भविष्य बनाने वाले नौनिहालों का क्या होगा।
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इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवराम वर्मा ने बताया कि पिछले 15 दिनों से विद्यालय में भोजन नहीं बन रहा है और खाते का ट्रांसफर भी प्रधान नहीं करा रहे हैं। इसलिए बच्चों को मिड-डे मील में कुछ भी खाने की चीज देने में दिक्कत हो रही है। कोटेदार राशन नहीं दे रहे और प्रधान खाता नहीं खोल रहे हैं। इस बाबत बीएसए अजय सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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विकासखंड हरख की ग्राम पंचायत मौथरी में स्थित कम्पोजिट विद्यालय में कुल 275 बच्चे कक्षा एक से लेकर आठ तक पढ़ने आते हैं लेकिन पिछले 15 दिनों से इनको एक बार भी मध्याह्न भोजन नहीं दिया गया है। ऐसे में यह सब नौनिहाल अपने घर लंच के समय में खाना खाने जाते हैं। जहां पर सरकार कोरोना काल के समय बंद स्कूल होने पर बच्चों के घर तक मिड-डे मील का राशन देती थी। वहीं स्कूल खुलने के बाद भी मौथरी के कोटेदार स्कूल का राशन देने के लिए प्रधानाचार्य शिवराम वर्मा को मना कर दिया हैं।
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ऐसे में जब प्रधानाचार्य ने प्रधान रामसमुझ से राशन दिलाने के लिए कहा तो उन्होंने भी साफ इंकार कर दिया। जब जिम्मेदार इस तरह की धांधली बच्चों के भोजन के साथ करेंगे फिर तो देश का भविष्य बनाने वाले नौनिहालों का क्या होगा।
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इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवराम वर्मा ने बताया कि पिछले 15 दिनों से विद्यालय में भोजन नहीं बन रहा है और खाते का ट्रांसफर भी प्रधान नहीं करा रहे हैं। इसलिए बच्चों को मिड-डे मील में कुछ भी खाने की चीज देने में दिक्कत हो रही है। कोटेदार राशन नहीं दे रहे और प्रधान खाता नहीं खोल रहे हैं। इस बाबत बीएसए अजय सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।