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तराई के बिगड़े हालात, संपर्क मार्ग डूबे, आवागमन पूरी तरह से बंद

Fri, 22 Oct 2021 01:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 01:00 AM IST
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saryu river increase
बाराबंकी। नेपाल के पानी ने तराई में तबाही मचा रखी है। हालात दिन ब दिन बिगड़ते ही जा रहे हैं। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 62 सेंमी. ऊपर पहुंच गया है। इससे अब तक इस साल का रिकॉर्ड टूट गया है। वहीं सवा पांच लाख क्यूसेक और पानी छोड़े जाने से तराई की स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है।
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लोगों के घरों तक में पानी भर गया है। इससे पलायन तेज हो गया है और लोग परिवारीजनों के साथ तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं। वहीं बृहस्पतिवार को बाढ़ राहत आयुक्त ने एडीएम के साथ एल्गिन ब्रिज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू खतरे के निशान से 62 सेंमी. ऊपर पहुंच गई है जो इस साल का अब तक सबसे ज्यादा है। जलस्तर ने इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अभी भी नदी का पानी 2 सेंमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वहीं नेपाल द्वारा सवा पांच लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से तराई के हालात और बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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बृहस्पतिवार को बाढ़ राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने एडीएम, एसडीएम सदर सुमित यादव और एसडीएम रामनगर राजीव शुक्ला के साथ एल्गिन ब्रिज पर पहुंचकर जलस्तर को देखा और अधिकारियों को आवश्यक निर्देेश दिए।
कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार, सिरौलीगौसपुर तहसील के अब 50 से ज्यादा गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन गांव में स्थित लगभग तीन हजार घरों में नदी का पानी भर गया है। गांव तक जाने वाले मार्ग पूरी तरह डूब गए हैं। इसकी वजह से आवागमन बंद हो गया है। एसडीएम सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा लगातार बाढ़ क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं।
सभी राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी बाढ़ क्षेत्र में लगाई गई है। क्षेत्र के बघौलीपुरवा, टेपरा, सनावा, सरायसुर्जन, कहरानपुरवा, भयकपुरवा, कोठीडीहा, सिरौलीगूंग, बाबूरी, घुंटरू, तेलवारी, परसा, नव्वनपुरवा, इटहुआ, परसवाल, भैरवकोल, गोबरहा, बेहटा, सरदाहा, मनीरामपुरवा, विहड़, रेता आदि गांव नदी के पानी से पूरी तरह से डूबे हुए हैं। यहां के लोगों का आरोप है कि अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी कोई अभियंता क्षेत्र में रुक नहीं रहा है।
बीमार पड़े लोग, नहीं मिल रही नाव
सिरौलीगौसपुर के टेपरा व बघौलीपुरवा गांव में बुखार से कई लोग पीड़ित हैं, मगर इन लोगों को दवा लेने के लिए गांव से बाहर जाने के लिए नाव नहीं मिल रही है। ये लोग गांव में ही तड़प रहे हैं और सूचना दिए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक नहीं पहुंची। वहीं बाढ़ में रह रहे लोग पीने की पानी की समस्या से भी जूझ रहे हैं।
परिवार के साथ तटबंध पर शरण लिए हैं बाढ़ पीड़ित
सूरतगंज प्रतिनिधि के अनुसार, अगस्त-सितम्बर में आईं बाढ़ से ग्रामीण अभी उबर भी नहीं पाए थे कि नेपाल के पानी फिर से तराई में तबाही मचाने लगा है। यहां के करीब डेढ़ दर्जन गांव पानी से लबालब हो गए हैं। बाढ़ के पानी ने हेतमापुर क्षेत्र में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। हालात खराब देख जरूरी सामानों के साथ बाढ़ पीड़ित अपने परिवार संग तटबंध की ओर पलायन करने लगे हैं।
सुंदरनगर, कोड़री, मदरहा, पर्वतपुर गांव मोड़ तक सैकड़ों परिवार तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। हाई अलर्ट जारी होने के तीन दिन बाद भी तटबंध पर सुविधाएं अधूरी हैं। कहीं शौचालय बन रहे हैं, तो कहीं नल लगाने के लिए बोरिंग हो रही है। यही नहीं अभी तक लाइन खींचने के बाद तटबंध पर बिजली आपूर्ति नही चालू हो सकी। जिससे तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित अंधेरे में रात गुजार रहे हैं।
आज मंत्री करेंगे हवाई सर्वेक्षण
जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह शुक्रवार को बाढ़ क्षेत्र का हवाई सर्वे करेंगे। इसके बाद अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे वह हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचेंगे। वह जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की समीक्षा करेंगे और इसके बाद पत्रकारों से वार्ता भी करेंगे।
शुरू हुआ रेनकट भरने का कार्य
कोटवाधाम। अलीनगर रानीमऊ तटबंध में बरसात में बड़े-बड़े रेनकट हो गए जिसको अधिकारी देखकर भी अनजान बने हुए थे। इसकी खबर बुधवार को अमर उजाला के अंक में प्रकाशित की गई। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और रेनकट भरने का कार्य शुरू कर दिया है।
वहीं एसडीएम ने बताया कि अचानक पानी आने के बाद लोगों के घरों में पानी भर गया है। जिससे उनको खाना बनाने में दिक्कत आ रही है। इसके कारण दो सौ से ज्यादा परिवार को लंच पैकेट का वितरण किया जाएगा और यह रोज उन परिवारों को होगा जिनका घर पानी में घिरा हुआ है।

सरयू का पानी खतरे के निशान से 62 सेंमी. ऊपर पहुंच गया है और नदी का पानी अभी भी बढ़ रहा है। नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। तीनों तहसीलों केे एसडीएम को बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद के आदेश दिए गए हैं।
-संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम
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