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सरयू ने खतरे का निशान पार किया

Thu, 22 Jul 2021 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:54 PM IST
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Saryu crossed the danger mark
गनेशपुर/ कोटवाधाम (बाराबंकी)। नेपाल के पानी ने तराई में तबाही मचानी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को नदी का पानी खतरे के निशान से 15 सेमी. ऊपर पहुंच गया है और जलस्तर लगातार एक घंटे प्रति सेमी. की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे तराई के एक दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और इन गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन शुरू कर दिया है।
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उधर नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तहसील प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
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एलिग्न ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, नदी का पानी खतरे के निशान से 15 सेमी. ऊपर पहुंच गया है। यह पानी एक घंटे प्रति सेमी. की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे तराई के टेपरा, सरायसुर्जन, तेलवारी, सनावां, कहारनपुरवा, गोबरहा, बबूरी, भयकपुरवा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, नव्वनपुरवा बेहटा, परसवाल, पारा आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
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नदी का बढ़ता जलस्तर देख इन गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन शुरू कर दिया है। लोग परिवारीजनों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। गांवों के पानी से घिर जाने की वजह से अभी भी दर्जनों परिवार गांवों में फंसे हुए हैं।
तराई के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। यहां तक हम लोगों को नावें तक नहीं मुहैया कराई जा रही हैं जिससे उनका संकट और बढ़ता जा रहा है।
सूरतगंज प्रतिनिधि के मुताबिक, सरयू का जलस्तर बढ़ते देख हेतमापुर के क्षेत्रवासी काफी सहमे हैं। सुंदरनगर, कोडरी, कचनापुर, हेतमापुर, सरसंडा, बेलहरी, बतनेरा गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। जिससे सहमे लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के भोजन व पानी के भी लाले पड़ने लगे हैं।
बाढ़ पीड़ित लोगों के हालात और भी बदतर होने लगे है। पीड़ित परिवारों ने तटबंध पर डेरा डालना शुरू कर दिया हैं। तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को कहा है। साथ ही क्षेत्रीय लेखपालों से गांवों पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिये हैं। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी ने तटबंध पर स्वास्थ्य विभाग टीम तैनात कर दी है।
सीएचसी सिरौलीगौसपुर के अधीक्षक डॉक्टर संतोष सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांव सनावा, कहारनपुरवा आदि का दौरा किया। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और गर्ववती महिलाओं को बाढ़ के समय सावधान व सजग रहने की सलाह दी।
बाढ़ के पानी व जलजमाव से किस प्रकार से निजात मिले और संक्रमण न फैले, उसके लिए भी यहां के लोगों को जागरूक किया। साथ में दवा का वितरण कराया।
बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी
प्रशासन का दावा है कि उसने बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियों और 18 राहत शिविर बनाए गए हैं। जिले की तीन तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामनगर के करीब सौ गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं।
यहां के लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नावें लगाकर नाविकों को भी तैनाती कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी तहसीलों के एसडीएम को किसी भी स्थिति से निपटने के निर्देश जारी किए गए हैं।

एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया है। लेकिन अभी गांवों के अंदर तक पानी नहीं पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया और राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है। तहसील प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
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