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Barabanki News: सरयू की नई धारा से बढ़ा कटान का खतरा
Wed, 23 Sep 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:53 AM IST
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हेतमापुर गांव की आबादी से सटकर बह रही सरयू।
कोटवाधाम/सूरतगंज। सरयू नदी खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, लेकिन कई स्थानों पर कटान का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों और बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार इस बार नदी ने कई जगह पुरानी धारा छोड़कर नई राह बना ली है। हेतमापुर में तबाही की कहानी लिख चुकी सरयू अब गांव की आबादी से सटकर बह रही है। वहीं, सिरौलीगौसपुर के बबुरी गांव को अपने आगोश में लेने के बाद नदी कोठीडीहा के पास तेजी से जमीन काट रही है।
कोठीडीहा के अखंड सिंह, अखिलेश कुमार, शौर्य सिंह और अनूप सिंह ने बताया कि गांव के पीछे सरयू लगातार जमीन काट रही है। खेतों में धान और गन्ने की फसल खड़ी है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि किसान समय रहते फसल भी नहीं काट पा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नदी की धारा सीधी होने के बाद सरदहा से कुड़वा, घुटरू, सिरौलीगुंग और कोठीडीहा के आसपास कटान का दायरा बढ़ गया है। कटान बढ़ा तो गांव भी इसकी चपेट में आ सकता है।
उधर, रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर में ईदगाह का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। ईदगाह का थोड़ा हिस्सा अभी नदी में लटका हुआ है। कटान की रफ्तार धीमी होने से बाबा नारायणदास की समाधि फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन पास की मस्जिद लगातार कटान के मुहाने पर है। रामनगर के पूरनपुर गांव के पास भी नदी कटान कर रही है।
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बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि नदी ने धारा बदली है, इसलिए इन स्थानों पर कटान हुआ। हालांकि अब पानी तेजी से घट गया है, इसलिए चिंता की बात नहीं है।
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कोठीडीहा के अखंड सिंह, अखिलेश कुमार, शौर्य सिंह और अनूप सिंह ने बताया कि गांव के पीछे सरयू लगातार जमीन काट रही है। खेतों में धान और गन्ने की फसल खड़ी है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि किसान समय रहते फसल भी नहीं काट पा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नदी की धारा सीधी होने के बाद सरदहा से कुड़वा, घुटरू, सिरौलीगुंग और कोठीडीहा के आसपास कटान का दायरा बढ़ गया है। कटान बढ़ा तो गांव भी इसकी चपेट में आ सकता है।
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उधर, रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर में ईदगाह का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। ईदगाह का थोड़ा हिस्सा अभी नदी में लटका हुआ है। कटान की रफ्तार धीमी होने से बाबा नारायणदास की समाधि फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन पास की मस्जिद लगातार कटान के मुहाने पर है। रामनगर के पूरनपुर गांव के पास भी नदी कटान कर रही है।
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बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि नदी ने धारा बदली है, इसलिए इन स्थानों पर कटान हुआ। हालांकि अब पानी तेजी से घट गया है, इसलिए चिंता की बात नहीं है।

हेतमापुर गांव की आबादी से सटकर बह रही सरयू।