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Barabanki News: गांवों से पहले बांध बचाने की तैयारी, 10.36 करोड़ से बनेंगे स्पर
Sat, 06 Jun 2026 02:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:52 AM IST
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बाराबंकी। सरयू नदी की उफनती लहरों से तराई क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों को बचाने वाले चलहारी-गणेशपुर बांध को मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नदी के बढ़ते दबाव और कटान के संभावित खतरे को देखते हुए बांध के सुदृढ़ीकरण के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 10 करोड़ 36 लाख रुपये मंजूर किए हैं।
तीन संवेदनशील स्थानों पर बड़े स्पर बनाए जाएंगे, ताकि सरयू की धार सीधे तटबंध से न टकरा सके। करीब 54.6 किमी लंबे चलहारी-गणेशपुर बांध का निर्माण वर्ष 2006-07 में तराई क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए किया गया था। समय के साथ नदी की तेज धार और लगातार पड़ने वाले दबाव से इसके कई हिस्से कमजोर होने लगे हैं।
एक वर्ष पहले भी दो संवेदनशील स्थानों पर नाबार्ड की मदद से लगभग 5.75 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया गया था। सर्वे के बाद अब इस बांध के किमी 42.025, 42.250 और 42.500 पर तीन नए स्परों का निर्माण होगा। शासन ने परियोजना की स्वीकृति के साथ नौ करोड़ 41 लाख रुपये जारी भी कर दिए हैं।
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लाखों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है तटबंध
चल्हारी-गणेशपुर तटबंध सिर्फ मिट्टी और पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि तराई क्षेत्र के हजारों परिवारों और उनकी खेती-किसानी की सुरक्षा कवच है। तटबंध मजबूत होने से रामनगर, सिरौलीगौसपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत मिलेगी।
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वर्जन-
सरयू की बाढ़ हर साल चुनौती देती है। गांवों की सुरक्षा की ढाल चलहारी-गणेशपुर तटबंध को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। बांध को मजबूत करने के लिए स्पर के निर्माण होंगे।
- शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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तीन संवेदनशील स्थानों पर बड़े स्पर बनाए जाएंगे, ताकि सरयू की धार सीधे तटबंध से न टकरा सके। करीब 54.6 किमी लंबे चलहारी-गणेशपुर बांध का निर्माण वर्ष 2006-07 में तराई क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए किया गया था। समय के साथ नदी की तेज धार और लगातार पड़ने वाले दबाव से इसके कई हिस्से कमजोर होने लगे हैं।
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एक वर्ष पहले भी दो संवेदनशील स्थानों पर नाबार्ड की मदद से लगभग 5.75 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया गया था। सर्वे के बाद अब इस बांध के किमी 42.025, 42.250 और 42.500 पर तीन नए स्परों का निर्माण होगा। शासन ने परियोजना की स्वीकृति के साथ नौ करोड़ 41 लाख रुपये जारी भी कर दिए हैं।
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लाखों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है तटबंध
चल्हारी-गणेशपुर तटबंध सिर्फ मिट्टी और पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि तराई क्षेत्र के हजारों परिवारों और उनकी खेती-किसानी की सुरक्षा कवच है। तटबंध मजबूत होने से रामनगर, सिरौलीगौसपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत मिलेगी।
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वर्जन-
सरयू की बाढ़ हर साल चुनौती देती है। गांवों की सुरक्षा की ढाल चलहारी-गणेशपुर तटबंध को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। बांध को मजबूत करने के लिए स्पर के निर्माण होंगे।
- शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड