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Barabanki News: बारिश में भीगकर सड़ गया आलू, अब फेंकने की तैयारी

Mon, 27 Mar 2023 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Mon, 27 Mar 2023 01:04 AM IST
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Potato rotted after getting wet in the rain, now preparing to throw it
निंदूरा (बाराबंकी)। शासन-प्रशासन नेे हर किसान के आलू का भंडारण कराने का वादा किया था। इसके बावजूूद कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्हें टोकन नहीं मिल पाया। इसी बीच हुई बारिश और ओलावृष्टि ने तमाम किसानों की फसलों को तबाह कर दिया। गेहूूं और सरसों फसल का तो सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन आलू नुकसान को लेकर कोई सर्वे नहीं हो रहा है। ऐसे में आलूू की फसल सड़ने लगी है, जिसे किसान वापस खेत में फेंकने को मजबूर हैं।
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विकास खंड निंदूरा क्षेत्र के कई किसान आलू खोदकर टोकन का इंतजार कर रहे थे। कुछ किसानों ने अपना आलू घर में लगा लिया था तो कई खेत सेे उठाने की तैयारी में थे। इसी दौरान हुई बारिश और ओलावृृष्टि से क्षेत्र के ग्राम अगनेपुरवा मजरा मल्लावा निवासी किसान परमेश्वर का खेत में लगा आलू बुरी तरह भीग गया था।
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इन्होंने 10 बीघा आलू की बोआई की थी, जिसमें कुछ खुद गया था और कुछ खोदने की तैयारी थी। बारिश के बाद इन्होंने आलू उठाकर अपने घर पर रखवाया, लेकिन तीन दिनों में ही आलू सड़ना शुरू हो गया। परमेश्वर के मुताबिक उन्होंने आलू के टोकन के लिए मल्लावा स्थित प्रेरणा एवं बाबा कुटी स्थित द्वारिका कोल्ड स्टोर में कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हेें टोकन नहीं मिल पाया था।
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आलू सड़ने के कारण फसल तैयार करने में आई लागत भी डूूब गई। वहीं मेंथा की रोपाई में आने वाला खर्च भी नहीं इकट्ठा कर पाए। ऐसे में किसान को अब दोहरी मार का सामना करना पड़ेगा। इसी गांव के दिनेश ने 250 बोरी आलू घर पर लगा रखा है, जो सड़ना शुरू हो गया है, जिसे तालाब में फेंकने की तैयारी है।


इसी तरह देवा क्षेत्र के लालापुर के संतोष मौर्य को 1200 बोरी के सापेक्ष सिर्फ 175 का टोकन मिला। मनोज यादव निवासी रतनपुर को चार सौ पैकेट के सापेक्ष 100 बोरी का टोकन मिला। बचा हुआ आलू घरों में स्टोर कर रखा है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं होता है तो तमाम किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। डीएचओ महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा लिया है, उन्हें नुकसान हुई फसल के एवज में मुआवजा मिलेगा।





53 आए आवेदन, कई का बीमा ही नहीं
बीते दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के दौरान तमाम किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से सिर्फ 47 किसानों ने टोल फ्री एवं छह ने उपनिदेशक कार्यालय में फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। विभाग की ओर से इनका सत्यापन कराया जा रहा है, लेकिन कई किसान ऐसे भी हैं जिनका बीमा भी नहीं है। उपनिदेशक श्रवण कुमार ने बताया कि सत्यापन कराने के बाद नुकसान का आंकलन सामने आएगा।
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