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एक किमी. में 150 गड्ढे तो सोचिए कैसो होगा 17 किमी. का सफर
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बाराबंकी। किसी सड़क के एक किलोमीटर में अगर 150 गड्ढे हों तो जरा सोचिए कि इस मार्ग पर चलने वाले लोग 17 किलोमीटर का सफर कितनी दुुश्वारियों में तय करते होंगे। बंकी ब्लॉक क्षेत्र के सिहाली-जहांगीराबाद होते हुुए बाराबंकी आने वाली सड़क का यही हाल है। इस सड़क को गड्ढामुक्त करने की नहीं नवनिर्माण की जरूरत है। मगर लोगों को हो रही दुश्वारियों पर अधिकारी और कर्मचारी चुुप्पी साधे हुुए हैं।
सरकार भले ही प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का दम भर रही हो लेकिन ग्रामीण इलाकों की हकीकत इससे एकदम विपरीत है। देवा मेला के समय रूट डायवर्जन के चलते फतेहपुर से सिहाली, जहांगीराबाद होते हुुए बाराबंकी तक की सेवा देने वाली यह सड़क चलने लायक नहीं है।
इस सड़क के एक किलोमीटर के अंदर करीब डेढ़ सौ गड्ढे हैं ऐसे में सिहाली से बाराबंकी तक आने वाली 17 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आने वाले वाहनों को एक घंटे से कहीं अधिक का समय लगता है। वहीं दो और चार पहिया वाहन गड्ढों में फंसकर खराब हो रहे हैं। पांच साल पहले बनी इस सड़क की आज तक मरम्मत नहीं की जा सकी है।
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जाम से बचाने वाली इस सड़क पर आईटीआई, पॉलीटेक्निक, थाना, चकगजरिया, निबलेट फार्म जैसे सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान के चलते अधिकारियों के अक्सर आने-जाने पर भी किसी की नजर इस जर्जर मार्ग पर नहीं पड़ रही है। कई बार इस मार्ग को सही करने की मांग हो चुुकी है लेकिन नतीजा शून्य ही है।
गड्ढे होते रहते हैं बनते रहते हैं
दो दिन पूर्व शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि सड़कों पर गड्ढे होते रहते हैं और बनते रहते हैं। लेकिन ऐसे में फिर सरकार के गड्ढामुक्त अभियान का क्या औचित्य दिख रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारी भी अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
गड्ढामुुक्त अभियान के तहत कार्य हो रहा है। जहां गहरे गड्ढे हैं वहां गिट्टी और डामर डाला जा रहा है। अधिक खराब सड़क को सही कराने के लिए बजट की मांग की जाएगी।
-आरके राम, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी
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सरकार भले ही प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का दम भर रही हो लेकिन ग्रामीण इलाकों की हकीकत इससे एकदम विपरीत है। देवा मेला के समय रूट डायवर्जन के चलते फतेहपुर से सिहाली, जहांगीराबाद होते हुुए बाराबंकी तक की सेवा देने वाली यह सड़क चलने लायक नहीं है।
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इस सड़क के एक किलोमीटर के अंदर करीब डेढ़ सौ गड्ढे हैं ऐसे में सिहाली से बाराबंकी तक आने वाली 17 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आने वाले वाहनों को एक घंटे से कहीं अधिक का समय लगता है। वहीं दो और चार पहिया वाहन गड्ढों में फंसकर खराब हो रहे हैं। पांच साल पहले बनी इस सड़क की आज तक मरम्मत नहीं की जा सकी है।
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जाम से बचाने वाली इस सड़क पर आईटीआई, पॉलीटेक्निक, थाना, चकगजरिया, निबलेट फार्म जैसे सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान के चलते अधिकारियों के अक्सर आने-जाने पर भी किसी की नजर इस जर्जर मार्ग पर नहीं पड़ रही है। कई बार इस मार्ग को सही करने की मांग हो चुुकी है लेकिन नतीजा शून्य ही है।
गड्ढे होते रहते हैं बनते रहते हैं
दो दिन पूर्व शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि सड़कों पर गड्ढे होते रहते हैं और बनते रहते हैं। लेकिन ऐसे में फिर सरकार के गड्ढामुक्त अभियान का क्या औचित्य दिख रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारी भी अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
गड्ढामुुक्त अभियान के तहत कार्य हो रहा है। जहां गहरे गड्ढे हैं वहां गिट्टी और डामर डाला जा रहा है। अधिक खराब सड़क को सही कराने के लिए बजट की मांग की जाएगी।
-आरके राम, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी