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67 वर्षो के बाद मसौली में पहुंची गांधी परिवार की बेटी
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मसौली (बाराबंकी)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रफी अहमद किदवई के अंतिम संस्कार में आये तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद गुरुवार को 67 वर्षों के बाद नेहरू-गांधी परिवार की प्रियंका गांधी ने कस्बा मसौली में पैर रखा। प्रियंका को देखने व सुनने के लिए बड़ा जनसमूह मौजूद रहा। प्रियंका ने भी अपनी बात शुरू करने से पहले रफी साहब को याद किया।
जंग-ए-आजादी में महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू के सानिध्य में रहने वाले कस्बा मसौली निवासी रफी अहमद किदवई का निधन जब 24 अक्टूबर 1954 को हुआ तो 25 अक्टूबर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू मसौली कस्बे में पहुंच उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। स्वर्गीय रफी साहब की सादगी व ईमानदारी देखकर पंडित नेहरू ने अपने प्रिय सहयोगी की स्मृति के तमाम सपने संजोए थे।
67 वर्षों के अंतराल के बाद आज पहली बार गांधी-नेहरू परिवार से प्रियंका गांधी के कस्बा मसौली आने पर क्षेत्रीय जनता में काफी उत्साह रहा और उनकी एक झलक देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रियंका ने अपने 30 मिनट के भाषण में कई बार रफी साहब को याद कर अपने परदादा पंडित नेहरू की यादों को ताजा किया। (संवाद)
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जंग-ए-आजादी में महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू के सानिध्य में रहने वाले कस्बा मसौली निवासी रफी अहमद किदवई का निधन जब 24 अक्टूबर 1954 को हुआ तो 25 अक्टूबर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू मसौली कस्बे में पहुंच उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। स्वर्गीय रफी साहब की सादगी व ईमानदारी देखकर पंडित नेहरू ने अपने प्रिय सहयोगी की स्मृति के तमाम सपने संजोए थे।
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67 वर्षों के अंतराल के बाद आज पहली बार गांधी-नेहरू परिवार से प्रियंका गांधी के कस्बा मसौली आने पर क्षेत्रीय जनता में काफी उत्साह रहा और उनकी एक झलक देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रियंका ने अपने 30 मिनट के भाषण में कई बार रफी साहब को याद कर अपने परदादा पंडित नेहरू की यादों को ताजा किया। (संवाद)
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