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बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल दिया जाएगा मुआवजा: महेन्द्र
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बाराबंकी। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ से जो नुकसान हुआ है उसका तत्काल मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है। उन्हीं के आदेश से मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे कर स्थिति का आंकलन किया है।
उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी पूरी योजना तैयार कर जल्द से जल्द उपलब्ध करा दें। जिससे बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिया जा सके। हवाई सर्वे और अधिकारियों से बैठक के बाद जलशक्ति मंत्री ने यह जानकारी पत्रकार वार्ता में दी।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर और बहराइच के बाद बाराबंकी का हवाई सर्वे किया गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब शारदा और सरयू में एक साथ सात लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। तराई के 69 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और यहां की करीब 27 हजार की आबादी मौजूदा समय में बाढ़ की चपेट में है।
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लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है। जितने गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। इन गांवों में सभी प्रकार की सुविधा पहुंचाने के लिए एक-एक नोडल अधिकारी को तैनात किया जाएगा। इसके साथ आशा बहुओं और निगरानी समितियों को भी लगाया जाएगा।
बीमारियों से ग्रसित लोगों को तत्काल दवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक गांव तक दवा की किट पहुंचाने के भी आदेश दिए गए हैं। गांवों में प्रकाश और पशुओं के इलाज तथा चारे का भी इंतजाम कराए जाने को कहा गया है। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी यमुना प्रसाद, विधायक शरद कुमार अवस्थी, जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश मौजूद रहे।
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उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी पूरी योजना तैयार कर जल्द से जल्द उपलब्ध करा दें। जिससे बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिया जा सके। हवाई सर्वे और अधिकारियों से बैठक के बाद जलशक्ति मंत्री ने यह जानकारी पत्रकार वार्ता में दी।
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जलशक्ति मंत्री ने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर और बहराइच के बाद बाराबंकी का हवाई सर्वे किया गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब शारदा और सरयू में एक साथ सात लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। तराई के 69 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और यहां की करीब 27 हजार की आबादी मौजूदा समय में बाढ़ की चपेट में है।
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लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है। जितने गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। इन गांवों में सभी प्रकार की सुविधा पहुंचाने के लिए एक-एक नोडल अधिकारी को तैनात किया जाएगा। इसके साथ आशा बहुओं और निगरानी समितियों को भी लगाया जाएगा।
बीमारियों से ग्रसित लोगों को तत्काल दवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक गांव तक दवा की किट पहुंचाने के भी आदेश दिए गए हैं। गांवों में प्रकाश और पशुओं के इलाज तथा चारे का भी इंतजाम कराए जाने को कहा गया है। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी यमुना प्रसाद, विधायक शरद कुमार अवस्थी, जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश मौजूद रहे।