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Barabanki News: चबूतरा बेचने वालों ने नहीं जमा किया सवा करोड़ किराया
Tue, 18 Feb 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:02 AM IST
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बाराबंकी। जनेस्मा के सामने सब्जी बेचने के लिए आवंटित चबूतरे करीब दो करोड़ रुपये में बेचे गए थे लेकिन इनका निर्धारित किराया अभी तक नगर पालिका में जमा नहीं किया गया है। इसके चलते वर्ष 2015 से 2024 तक चबूतराें का करीब एक करोड़ 32 लाख रुपये का किराया बकाया हो गया। दिसंबर में चबूतरों पर रखीं लोहे की दुकानें हटाए जाने के नोटिस के बाद कुछ लोगों ने मात्र दो लाख 51 हजार रुपये बतौर किराया राशि जमा कराए हैं। बकाया वसूली राशि के लिए अब नगर पालिका आरसी जारी कराने की कवायद में जुटा है।
बीते सप्ताह डीएम शशांक त्रिपाठी के आदेश पर न सिर्फ चबूतरों पर रखीं लोहे की दुकानें हटा दी गईं बल्कि चबूतरों को भी खोदकर बराबर कर दिया गया। चबूतरा बेचने व बिकवाने के नाम पर दलाली करने वालों के संबंध में डीएम पहले से ही गोपनीय जांच करवा रहे हैं। अब वसूली अभियान भी सख्ती से चलेगा। वर्ष 2015 में तत्कालीन डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बस स्टेशन से पुलिस लाइन चौराहा के मध्य जनेस्मा के सामने चारदीवारी के किनारे सब्जी बेचने वालों को चबूतरा बनाकर आवंटित करने का निर्देश दिया था। इस पर नगर पालिका बोर्ड की 26 अगस्त 2015 को हुई बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हो गया था। 104 चबूतरे बनाए गए।
47 रुपये प्रतिदिन की दर से देना था किराया
चबूतरोें का किराया 47 रुपये प्रतिदिन की दर से आवंटियों को देना था लेकिन किसी ने भी नगर पालिका खाते में इसका भुगतान नहीं किया। ज्यादातर आवंटियों ने चबूतरे ढाई-तीन लाख रुपये लेकर दूसरे लोगों को बेच दिए। लोहे की दुकानों में स्टेशनरी, किराना व अन्य सामान बेचे जाने लगे। नगर पालिका के जिम्मेदार बकाये के नोटिस समय-समय पर जारी कर अपनी फाइल में रखते गए। दो माह पहले तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने संज्ञान लिया तब नगर पालिका ने फिर सर्वे कराया। सर्वे में 108 में से 84 चबूतरों पर लोहे की बड़ी दुकानें संचालित पाई गईं।
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कई बार दिए जा चुके नोटिस
चबूतरों का करीब एक करोड़ 30 लाख रुपये का किराया बाकी है जिसकी वसूली के लिए कई बार नोटिस दिए गए। अब बकाया वसूली के लिए आरसी जारी कराई जाएगी।
-संजय कुमार शुक्ल, ईओ
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बीते सप्ताह डीएम शशांक त्रिपाठी के आदेश पर न सिर्फ चबूतरों पर रखीं लोहे की दुकानें हटा दी गईं बल्कि चबूतरों को भी खोदकर बराबर कर दिया गया। चबूतरा बेचने व बिकवाने के नाम पर दलाली करने वालों के संबंध में डीएम पहले से ही गोपनीय जांच करवा रहे हैं। अब वसूली अभियान भी सख्ती से चलेगा। वर्ष 2015 में तत्कालीन डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बस स्टेशन से पुलिस लाइन चौराहा के मध्य जनेस्मा के सामने चारदीवारी के किनारे सब्जी बेचने वालों को चबूतरा बनाकर आवंटित करने का निर्देश दिया था। इस पर नगर पालिका बोर्ड की 26 अगस्त 2015 को हुई बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हो गया था। 104 चबूतरे बनाए गए।
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47 रुपये प्रतिदिन की दर से देना था किराया
चबूतरोें का किराया 47 रुपये प्रतिदिन की दर से आवंटियों को देना था लेकिन किसी ने भी नगर पालिका खाते में इसका भुगतान नहीं किया। ज्यादातर आवंटियों ने चबूतरे ढाई-तीन लाख रुपये लेकर दूसरे लोगों को बेच दिए। लोहे की दुकानों में स्टेशनरी, किराना व अन्य सामान बेचे जाने लगे। नगर पालिका के जिम्मेदार बकाये के नोटिस समय-समय पर जारी कर अपनी फाइल में रखते गए। दो माह पहले तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने संज्ञान लिया तब नगर पालिका ने फिर सर्वे कराया। सर्वे में 108 में से 84 चबूतरों पर लोहे की बड़ी दुकानें संचालित पाई गईं।
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कई बार दिए जा चुके नोटिस
चबूतरों का करीब एक करोड़ 30 लाख रुपये का किराया बाकी है जिसकी वसूली के लिए कई बार नोटिस दिए गए। अब बकाया वसूली के लिए आरसी जारी कराई जाएगी।
-संजय कुमार शुक्ल, ईओ