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Barabanki News: खुले आसमान के नीचे करना पड़ रहा बसों का इंतजार
Wed, 02 Jul 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:13 AM IST
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बाराबंकी। बारिश के मौसम में शहर के प्रमुख चौराहे पटेल तिराहा पर यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने की परेशानी उठाना पड़ रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया यात्री शेल्टर शेड प्रशासन द्वारा हटा देने से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और महिलाओं को उठाना पड़ रही है।
पहले पटेल तिराहे के पास यात्रियों के लिए छांव और बैठने की सुविधा थी। लेकिन शेल्टर हटाए जाने के बाद यह जगह पूरी तरह ऑटो, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों के कब्जे में चली गई है। इसके चलते बसों के इंतजार में महिला यात्रियों को बच्चों के साथ घंटों खुले आसमान के नीच धूप व बारिश का सितम झेलते हुए गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करने की परेशान उठाना पड़ती है। इंतजार में सड़क किनारे खड़ी यात्री बसों के आने पर दौड़ कर सीट पाने के लिए बस पर चढ़ने लगते हैं। इससे हादसे का खतरा भी बना रहता है। केंद्र प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि परिवहन विभाग के साथ ही डीएम को भी पत्र भेज कर इस समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए अनुरोध किया गया है। भरोसा जताया कि जल्द ही यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
सड़क पर इंतजार मजबूरी
फोटो- 09
काम के सिलसिले में हर दिन लखनऊ जाना पड़ता है। लेकिन यहां पर सड़क किनारे ऑटो आदि के खड़े रहने से सड़क पर ही खड़े होकर बस का इंतजार करने की परेशानी उठाना पड़ती है।
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अभिषेक कुमार, यात्री
हादसे का भी रहता है खतरा
फोटो- 10
पहले शेड में बैठने से राहत मिलती थी, अब घंटों सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। बस रुकने से पहले ही भीड़ बस की ओर दौड़ती है। इससे कई बार हादसे तक हो जाते हैं।
- पवन कुमार, यात्री
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पहले पटेल तिराहे के पास यात्रियों के लिए छांव और बैठने की सुविधा थी। लेकिन शेल्टर हटाए जाने के बाद यह जगह पूरी तरह ऑटो, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों के कब्जे में चली गई है। इसके चलते बसों के इंतजार में महिला यात्रियों को बच्चों के साथ घंटों खुले आसमान के नीच धूप व बारिश का सितम झेलते हुए गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करने की परेशान उठाना पड़ती है। इंतजार में सड़क किनारे खड़ी यात्री बसों के आने पर दौड़ कर सीट पाने के लिए बस पर चढ़ने लगते हैं। इससे हादसे का खतरा भी बना रहता है। केंद्र प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि परिवहन विभाग के साथ ही डीएम को भी पत्र भेज कर इस समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए अनुरोध किया गया है। भरोसा जताया कि जल्द ही यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
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सड़क पर इंतजार मजबूरी
फोटो- 09
काम के सिलसिले में हर दिन लखनऊ जाना पड़ता है। लेकिन यहां पर सड़क किनारे ऑटो आदि के खड़े रहने से सड़क पर ही खड़े होकर बस का इंतजार करने की परेशानी उठाना पड़ती है।
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अभिषेक कुमार, यात्री
हादसे का भी रहता है खतरा
फोटो- 10
पहले शेड में बैठने से राहत मिलती थी, अब घंटों सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। बस रुकने से पहले ही भीड़ बस की ओर दौड़ती है। इससे कई बार हादसे तक हो जाते हैं।
- पवन कुमार, यात्री