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Barabanki News: टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें और उल्टी मुहर लगा मरीज का परचा वायरल
Sat, 11 Apr 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:19 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को इलाज कराने आए मरीज प्रदीप का परचा खूब वायरल हो रहा है। मरीज के परचे पर टेढ़ी-मेढ़ी चार से पांच लाइनें खिंची हैं और मुहर भी उल्टा लगी है। हालांकि चिकित्सक का कहना है कि उन्होंने लाइनें नहीं खींचीं हैं, जल्दबाजी में दवाएं लिखी हैं। उधर, चर्चा ये है कि कमीशन वाली दवाएं ऐसी लिखावट में लिखी जाती है, जिसकी भाषा सिर्फ संबंधित मेडिकल स्टोर का संचालक ही समझ सकता है।
मरीज प्रदीप कुमार इलाज के लिए फिजिशियन डॉ. राजेश कुशवाहा के पास पहुंचे थे। मरीज से तो संपर्क नहीं हो सका लेकिन डॉ. राजेश ने इस प्रकरण में अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि मरीजों का काफी दबाव रहता है। एक दिन में 300 से 350 मरीज देखने पड़ते हैं। मरीज के परचे पर जल्दी में इस तरह की भाषा लिख दी जाती है। सरकारी परचे के अलावा दवाओं की अलग से परची दी जाती है तो ओपीडी में स्वास्थ्यकर्मी लिखते हैं। उस पर सभी दवाओं के नाम स्पष्ट शब्दों में लिखे होते हैं।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या ने बताया कि परचे पर स्पष्ट लिखावट होनी चाहिए। इस संबंध भी सभी डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है। वायरल परचे के प्रकरण की भी जांच कराई जा रही है।
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मरीज प्रदीप कुमार इलाज के लिए फिजिशियन डॉ. राजेश कुशवाहा के पास पहुंचे थे। मरीज से तो संपर्क नहीं हो सका लेकिन डॉ. राजेश ने इस प्रकरण में अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि मरीजों का काफी दबाव रहता है। एक दिन में 300 से 350 मरीज देखने पड़ते हैं। मरीज के परचे पर जल्दी में इस तरह की भाषा लिख दी जाती है। सरकारी परचे के अलावा दवाओं की अलग से परची दी जाती है तो ओपीडी में स्वास्थ्यकर्मी लिखते हैं। उस पर सभी दवाओं के नाम स्पष्ट शब्दों में लिखे होते हैं।
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सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या ने बताया कि परचे पर स्पष्ट लिखावट होनी चाहिए। इस संबंध भी सभी डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है। वायरल परचे के प्रकरण की भी जांच कराई जा रही है।
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