{"_id":"693b13931ad076fd06077637","slug":"patients-breathing-stopped-in-the-cold-26-patients-admitted-with-fever-and-respiratory-problems-barabanki-news-c-101-1-slko1033-146639-2025-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: ठंड में मरीज की सांस थमी, बुखार व सांस के 26 रोगी भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: ठंड में मरीज की सांस थमी, बुखार व सांस के 26 रोगी भर्ती
Fri, 12 Dec 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर बृहस्पतिवार को लगी महिलाओं की लाइन।
रायबरेली। सर्दी जैसे-जैसे बढ़ रही है, मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। जिला अस्पताल में सांस लेने में समस्या के बाद भर्ती कराए गए मरीज की मौत हो गई। इसके अलावा बुखार, डायरिया, सीने में दर्द और सांस की समस्या के 26 मरीजों को भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को बुखार की चपेट में आने के बाद महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा 22 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। बुखार, सांस व सीने में दर्द की समस्या के करीब 400 मरीज ओपीडी में पहुंचे।
जिला अस्पताल में सीने में जकड़न, खांसी और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ठंड के मौसम में हवा में नमी बढ़ने से सांस संबंधी रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। सांस लेने में समस्या होने पर डलमऊ के पखरौली निवासी रमेश कुमार (50) को गत सात दिसंबर को बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिद्दीक (70), वीरेंद्र (60), हरिप्रसाद (70), लालजी (28), रामचंद्र (60), रियाज (75), देवीदयाल (70), सुमन (58) आदि मरीजों को सीने में दर्द व सांस की समस्या होने पर भर्ती कराया गया। बुखार व डायरिया के चपेट में रामलखन (71), सरिता (28), सुनील (63), शिवम (22), सोफिया (14), हरी (60), सुरसती (75), आरिफ (8) आदि को भर्ती कराया गया।
इनसेट
यह है सांस के मरीज बढ़ने का कारण
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि सर्द मौसम में हवा भारी और नमीदार हो जाती है, जिससे प्रदूषक कण नीचे बैठ जाते हैं। वहीं सुबह-शाम का कोहरा और धुआं सांस के रास्तों में चिपक कर संकरा बन जाता है। धूम्रपान करने वालों में खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है।
विज्ञापन
इनसेट
सुबह तेज ठंडी हवा में टहलने से बचें
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम को देखते हुए ठंडी हवा से बचने के लिए नाक-मुंह को मफलर या मास्क से ढकें। सुबह-सुबह तेज ठंडी हवा में टहलने से बचें। धूम्रपान और धुएं के संपर्क से पूरी तरह दूर रहें। सांस में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं, दवा बंद न करें।
इनसेट
बचाव के लिए यह भी करें
सुबह और शाम की सैर से बचें।
दमा के मरीज बिना मास्क बाहर न निकलें।
दिल के मरीज धूप निकलने पर ही टहलें।
घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त कपड़े पहनने चाहिए।
अपना रक्तचाप नियमित चेक कराते रहें।
गर्म पानी के साथ हल्का भोजन करना चाहिए।
इनहेलर अपने पास रखना चाहिए।
छाती में कफ जमा होने पर गर्म पानी पीना चाहिए।
मनोज ओझा
विज्ञापन
जिला अस्पताल में सीने में जकड़न, खांसी और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ठंड के मौसम में हवा में नमी बढ़ने से सांस संबंधी रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। सांस लेने में समस्या होने पर डलमऊ के पखरौली निवासी रमेश कुमार (50) को गत सात दिसंबर को बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिद्दीक (70), वीरेंद्र (60), हरिप्रसाद (70), लालजी (28), रामचंद्र (60), रियाज (75), देवीदयाल (70), सुमन (58) आदि मरीजों को सीने में दर्द व सांस की समस्या होने पर भर्ती कराया गया। बुखार व डायरिया के चपेट में रामलखन (71), सरिता (28), सुनील (63), शिवम (22), सोफिया (14), हरी (60), सुरसती (75), आरिफ (8) आदि को भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
इनसेट
यह है सांस के मरीज बढ़ने का कारण
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि सर्द मौसम में हवा भारी और नमीदार हो जाती है, जिससे प्रदूषक कण नीचे बैठ जाते हैं। वहीं सुबह-शाम का कोहरा और धुआं सांस के रास्तों में चिपक कर संकरा बन जाता है। धूम्रपान करने वालों में खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है।
विज्ञापन
इनसेट
सुबह तेज ठंडी हवा में टहलने से बचें
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि मौसम को देखते हुए ठंडी हवा से बचने के लिए नाक-मुंह को मफलर या मास्क से ढकें। सुबह-सुबह तेज ठंडी हवा में टहलने से बचें। धूम्रपान और धुएं के संपर्क से पूरी तरह दूर रहें। सांस में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं, दवा बंद न करें।
इनसेट
बचाव के लिए यह भी करें
सुबह और शाम की सैर से बचें।
दमा के मरीज बिना मास्क बाहर न निकलें।
दिल के मरीज धूप निकलने पर ही टहलें।
घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त कपड़े पहनने चाहिए।
अपना रक्तचाप नियमित चेक कराते रहें।
गर्म पानी के साथ हल्का भोजन करना चाहिए।
इनहेलर अपने पास रखना चाहिए।
छाती में कफ जमा होने पर गर्म पानी पीना चाहिए।
मनोज ओझा