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Barabanki News: पुलिसिंग से नाराज पासी समाज का गन्ना दफ्तर में धरना
Sat, 20 Jun 2026 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:53 AM IST
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बाराबंकी। माती के मीरपुर गांव के संविदाकर्मी दुर्गेश पासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नाराज पासी समाज और लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गन्ना दफ्तर में धरना-प्रदर्शन किया। लाखन आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष लवकेश पासी ने बताया कि नौ जून को दुर्गेश गंभीर रूप से घायल अवस्था में मृत पाए गए थे।
पुलिस शुरुआती जांच से ही इसे सड़क हादसा साबित करने की कोशिशों में जुटी है। वहीं, मृतक के परिजनों का सीधा आरोप है कि प्रधान पति और उसके साथियों ने दुर्गेश की पीट-पीटकर हत्या की है। भारी दबाव के बाद पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी तो दर्ज कर ली लेकिन असल आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी है।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र जारी किया है। समाज ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो, पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद व एक सरकारी नौकरी मिले और केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले।
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घेराव की कोशिश करने वाले निशाने पर
इसी मामले में कोतवाली का घेराव करने की कोशिश दो दिन पहले हुई थी, जिसमें 44 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में सात लोगों का चालान हो चुका है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर 37 और प्रदर्शनकारियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और भड़क गया है।
माती के एसएचओ अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मामले में बेवजह बवाल और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस शुरुआती जांच से ही इसे सड़क हादसा साबित करने की कोशिशों में जुटी है। वहीं, मृतक के परिजनों का सीधा आरोप है कि प्रधान पति और उसके साथियों ने दुर्गेश की पीट-पीटकर हत्या की है। भारी दबाव के बाद पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी तो दर्ज कर ली लेकिन असल आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराजगी है।
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प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र जारी किया है। समाज ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो, पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद व एक सरकारी नौकरी मिले और केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले।
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घेराव की कोशिश करने वाले निशाने पर
इसी मामले में कोतवाली का घेराव करने की कोशिश दो दिन पहले हुई थी, जिसमें 44 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में सात लोगों का चालान हो चुका है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर 37 और प्रदर्शनकारियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और भड़क गया है।
माती के एसएचओ अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मामले में बेवजह बवाल और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।