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भेड़िये के आतंक से गांव में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:38 PM IST
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बदोसरायं कोतवाली अंतर्गत ग्राम सभा करौरा में भेड़िये ने आतंक मचा रखा है। भेड़िया अब तक गांव में दो बकरियों को अपना निवाला बना चुका है। ग्रामीणों ने इस बारे में पुलिस को व वन विभाग के अफसरों को सूचना दी है। लेकिन अभी तक भेड़िये को पकड़ने के लिए कोई सर्च अभियान न शुरू होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
बदोसरायं कोतवाली के करौरा गांव में खजुरी-उधौली-सिरौली मार्ग के समीप बने मो. इंतियाज बाबा के घर में तीन दिन पूर्व रात करीब नौ बजे बकरी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुन कर घर के लोगों के साथ इंतियाज भी दौड़े तो देखा एक अजीब सा जानवर बकरी को अपने मुंह में दबोचे हुए था।
तभी लाठी-डंडे लेकर सभी आगे बढ़े कि वह निकल गया। लोगों ने टार्च जलाकर खूब ढूंढ़ा किंतु उस जानवर की न तो पहचान हो सकी न ही बकरी का कहीं सुराग लगा। इसके बाद फिर अगली सुबह कमलेश वर्मा गांव से आठ सौ मीटर की दूरी पर अपने खेत में काम करने गए थे, तो उन्होंने देखा बकरी के पिछले पैर खेत में पड़े हैं।
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05 नवंबर की रात 8 बजे फिर एक बकरी को भेड़िये ने अपना शिकार बना लिया। इन घटनाओं से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। गांव में रात होते ही लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। भेड़िये के आतंक से निपटने के लिए ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को भी सूचित किया है लेकिन अभी तक इसके कोई सर्च अभियान नहीं शुरू किया जा सका है।
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बदोसरायं कोतवाली के करौरा गांव में खजुरी-उधौली-सिरौली मार्ग के समीप बने मो. इंतियाज बाबा के घर में तीन दिन पूर्व रात करीब नौ बजे बकरी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुन कर घर के लोगों के साथ इंतियाज भी दौड़े तो देखा एक अजीब सा जानवर बकरी को अपने मुंह में दबोचे हुए था।
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तभी लाठी-डंडे लेकर सभी आगे बढ़े कि वह निकल गया। लोगों ने टार्च जलाकर खूब ढूंढ़ा किंतु उस जानवर की न तो पहचान हो सकी न ही बकरी का कहीं सुराग लगा। इसके बाद फिर अगली सुबह कमलेश वर्मा गांव से आठ सौ मीटर की दूरी पर अपने खेत में काम करने गए थे, तो उन्होंने देखा बकरी के पिछले पैर खेत में पड़े हैं।
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05 नवंबर की रात 8 बजे फिर एक बकरी को भेड़िये ने अपना शिकार बना लिया। इन घटनाओं से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। गांव में रात होते ही लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। भेड़िये के आतंक से निपटने के लिए ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को भी सूचित किया है लेकिन अभी तक इसके कोई सर्च अभियान नहीं शुरू किया जा सका है।