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आरक्षण की कसरत में छूट रहा पसीना
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बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण की पारदर्शिता को लेकर चल रही कसरत से अब जिम्मेदारों को पसीना छूट रहा है। सुबह की कई मर्तबा डीएम आवास पर पंचायती राज विभाग के अफसर व कर्मचारी अंदर बाहर पसीने से सराबोर लेफ्ट-राइट करते दिखे। सुबह से आरक्षण की तस्वीर साफ करने को लेकर शुुरू हुई गुणा-भाग की जद्दोजहद देर रात तक चलती रही। ऐसे में पहले से ही आरक्षण का ठेका लेने वाले कई जिम्मेदारों की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
पंचायत चुनाव के चार पदों को लेकर आरक्षण की तस्वीर जल्द साफ हो और पारदर्शिता पर कोई सवाल ने उठे। इसको लेकर डीएम डा. आदर्श सिंह ने स्वयं कमान संभाल ली है। डीएम अपने कैंप कार्यालय पर इसकी मानीटरिंग स्वयं कर रहे है। गुरुवार को कई दफा पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारी हाथों में फाइलें लिए डीएम आवास में पसीने से सराबोर आते जाते दिखे। यहां पर सुबह आरक्षण के गुणा-भाग को लेकर तैयार की गई सूची लेकर जब वह पहुंचे तो डीएम ने आरक्षण को लेकर तय मानक के आंकड़ों को जांचा तो सूची पर प्रश्नवाचक चिंह लगाकर तत्काल दोबारा दुरुस्त कर लाने के निर्देश दिए।
ऐसे में कई बारे सूची बनी और संशोधन होता रहा। देर रात तक चली इस प्रक्रिया में पहले से ही कई सीटों के आरक्षण की जिम्मेदारी लेने वालों की धड़कने तेज दिखीं। हालांकि डीएम के कैंप कार्यालय पर देर रात तक चली कसरत में आरक्षण की तस्वीर कहां तक साफ हुई। इसके बारे में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। मगर, यह जरूर है गुरुवार को जिस प्रकार पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की चहलकदमी डीएम के कैंप कार्यालय पर दिखी। उससे आरक्षण की स्थिति साफ होती दिख रही है।
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पंचायत चुनाव के चार पदों को लेकर आरक्षण की तस्वीर जल्द साफ हो और पारदर्शिता पर कोई सवाल ने उठे। इसको लेकर डीएम डा. आदर्श सिंह ने स्वयं कमान संभाल ली है। डीएम अपने कैंप कार्यालय पर इसकी मानीटरिंग स्वयं कर रहे है। गुरुवार को कई दफा पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारी हाथों में फाइलें लिए डीएम आवास में पसीने से सराबोर आते जाते दिखे। यहां पर सुबह आरक्षण के गुणा-भाग को लेकर तैयार की गई सूची लेकर जब वह पहुंचे तो डीएम ने आरक्षण को लेकर तय मानक के आंकड़ों को जांचा तो सूची पर प्रश्नवाचक चिंह लगाकर तत्काल दोबारा दुरुस्त कर लाने के निर्देश दिए।
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ऐसे में कई बारे सूची बनी और संशोधन होता रहा। देर रात तक चली इस प्रक्रिया में पहले से ही कई सीटों के आरक्षण की जिम्मेदारी लेने वालों की धड़कने तेज दिखीं। हालांकि डीएम के कैंप कार्यालय पर देर रात तक चली कसरत में आरक्षण की तस्वीर कहां तक साफ हुई। इसके बारे में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। मगर, यह जरूर है गुरुवार को जिस प्रकार पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की चहलकदमी डीएम के कैंप कार्यालय पर दिखी। उससे आरक्षण की स्थिति साफ होती दिख रही है।
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