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पान पराग, पुकार व कायम पान मसाला जांच में अधोमानक
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:16 PM IST
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एफएसडीए टीम का छापा
- फोटो : amar ujala
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पान पराग, पुकार और कायम पान मसाले का नमूना जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा। जांच रिपोर्ट में पान मसाले में प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों का उल्लेख गलत किए जाने पर इनके नमूने फेल हो गए हैं। वहीं एक मसाले में निर्धारित मात्रा से अधिक ऐश की मिलावट पाई गई है इसके अलावा मिठाई में फैट की मात्रा काफी कम पाए जाने पर इनके नमूने फेल किए गए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन और लखनऊ की टीम ने 24 नवंबर 2015 को जिले भर में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए आगरा लैब भेजे थे। इसी क्रम में फतेहपुर कस्बे से परवेज आलम की दुकान से कायम पान मसाले का नमूना भरकर भेजा गया था।
मसाले के पैक पर केसर मिश्रित युक्त लिखा है लेकिन जांच में केसर की मात्रा नहीं पाई गई। जिस पर जांच में इसे अधोमानक घोषित किया गया है। इसी प्रकार शहर स्थित गुड़मंडी से रामसुमिरन की दुकान से भरा गया पुकार का नमूना भी जांच में अधोमानक पाया गया है।
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इसमें भी केसर मिला होने की बात कही गई है लेकिन जांच में केसर नहीं पाई गई। वहीं फतेहपुर कस्बे के मुंशीगंज मोहल्ला स्थित मनीष नाग की दुकान से लिया गया पान पराग का नमूना भी जांच में फेल हो गया है इसमें ऐश की मात्रा 1.2 प्रतिशत पाई गई है।
वहीं शहर स्थित लक्ष्मी स्वीट्स से लिया गया खीर कदम मिठाई का नमूना भी जांच में खरा नहीं उतरा है इसमें फैट की मात्रा काफी कम पाई गई है। जिस पर इनके विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम की अदालत में वाद दायर करने तथा गुटखा बनाने वाले कंपनियों को नोेटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
अभियान के तहत कायम पान मसाला और पुकार पान मसाला का नमूना भरकर जांच के लिए आगरा लैब भेजा गया था। इनमें केसर मिश्रित युक्त लिखा होना पाया गया लेकिन केसर नहीं पाई गई है। इसी प्रकार पान पराग पान मसाला में ऐश की मात्रा मानक से अधिक 1.2 प्रतिशत पाई गई है। जिस पर इनके विक्रेेताओं के खिलाफ एडीएम की अदालत में तथा मसाला बनाने वाले कंपनियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। -मनोज कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन और लखनऊ की टीम ने 24 नवंबर 2015 को जिले भर में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए आगरा लैब भेजे थे। इसी क्रम में फतेहपुर कस्बे से परवेज आलम की दुकान से कायम पान मसाले का नमूना भरकर भेजा गया था।
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मसाले के पैक पर केसर मिश्रित युक्त लिखा है लेकिन जांच में केसर की मात्रा नहीं पाई गई। जिस पर जांच में इसे अधोमानक घोषित किया गया है। इसी प्रकार शहर स्थित गुड़मंडी से रामसुमिरन की दुकान से भरा गया पुकार का नमूना भी जांच में अधोमानक पाया गया है।
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इसमें भी केसर मिला होने की बात कही गई है लेकिन जांच में केसर नहीं पाई गई। वहीं फतेहपुर कस्बे के मुंशीगंज मोहल्ला स्थित मनीष नाग की दुकान से लिया गया पान पराग का नमूना भी जांच में फेल हो गया है इसमें ऐश की मात्रा 1.2 प्रतिशत पाई गई है।
वहीं शहर स्थित लक्ष्मी स्वीट्स से लिया गया खीर कदम मिठाई का नमूना भी जांच में खरा नहीं उतरा है इसमें फैट की मात्रा काफी कम पाई गई है। जिस पर इनके विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम की अदालत में वाद दायर करने तथा गुटखा बनाने वाले कंपनियों को नोेटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
अभियान के तहत कायम पान मसाला और पुकार पान मसाला का नमूना भरकर जांच के लिए आगरा लैब भेजा गया था। इनमें केसर मिश्रित युक्त लिखा होना पाया गया लेकिन केसर नहीं पाई गई है। इसी प्रकार पान पराग पान मसाला में ऐश की मात्रा मानक से अधिक 1.2 प्रतिशत पाई गई है। जिस पर इनके विक्रेेताओं के खिलाफ एडीएम की अदालत में तथा मसाला बनाने वाले कंपनियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। -मनोज कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए