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Barabanki News: महंत का सुराग नहीं, आश्रम व थाने पहुंचे संत
Mon, 15 Jul 2024 04:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 15 Jul 2024 04:43 AM IST
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सफदरगंज (बाराबंकी)। थाना क्षेत्र सफदरगंज स्थित कैलाशपुरी आश्रम के लापता महंत कौशलपुरी का सुराग तीसरे दिन भी नहीं लगा। रविवार को जूना अखाड़ा से जुड़े संतों के एक प्रतिनिधि मंडल ने आश्रम पहुंचकर वहां किसी प्रकार की सुरक्षा न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद थाने पहुंचने पर एसएचओ व संतों के बीच घटना को लेकर बातचीत हुई।
सफदरगंज क्षेत्र के मुश्कीनगर गांव स्थित कैलाशपुरी आश्रम के महंत कौशलपुरी शुक्रवार को संदिग्ध हालात में लापता मिले थे। आश्रम के पास महंत की फटी बनियान, टूटा मोबाइल, कमंडल व चप्पल पड़े मिले। आश्रम में एक डायरी मिली जिसमें कथित रूप से महंत द्वारा कोई अनहोनी होने पर अपने उत्तराधिकारियों पर आशंका जताई गई।
पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर तब से महंत को खोज रही है। महंत की काल डिटेल के अनुसार दो माह में एक ही नंबर पर 200 घंटे बातचीत मिली। पुलिस इस बिंदु पर पड़ताल कर रही है। वहीं, अपहरण के तीन दिन बाद भी कोई सुराग न मिलने पर पंचदास जूना अखाड़ा के संतों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मुश्कीनगर स्थित आश्रम पहुंचा।
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प्रतिनिधिमंडल में प्रयागराज से आए महंत मुकुंद पुरी, हरिद्वार के पंचदस, जूना अखाड़ा के थानापति राजू पुरी, मनोहर पुरी व सिद्धेश्वर आश्रम सिद्धौर के अनिल पुरी व कई साधु-संत भी शामिल रहे। पूरा हाल जानने के बाद पुलिस के बुलावे पर संत सफदरगंज थाने पहुंचे।
वहां बिरौली स्थित आश्रम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर भी अनहोनी की आशंका जताई गई। यह बात भी सामने आई कि लापता महंत कर्ज में डूबे थे। संतों ने बताया कि अगर मामले का जल्द खुलासा न हुआ तो वे लोग सीएम योगी से मिलेंगे। सीओ सदर सुमित त्रिपाठी ने बताया कि महंत की खोजबीन लगातार जारी है। हर बिंदु पर पड़ताल हाे रही है।
घटना के बाद लगाया सीसीटीवी कैमरा
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर कैमरा स्थापित करने के निर्देश भले ही हैं मगर मुश्कीनगर में कैमरे नहीं लगे थे। महंत के अपहरण की घटना के तीसरे दिन ग्राम पंचायत द्वारा गांव के मुख्य मार्ग पर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। आश्रम में भी कोई कैमरा नहीं है।
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सफदरगंज क्षेत्र के मुश्कीनगर गांव स्थित कैलाशपुरी आश्रम के महंत कौशलपुरी शुक्रवार को संदिग्ध हालात में लापता मिले थे। आश्रम के पास महंत की फटी बनियान, टूटा मोबाइल, कमंडल व चप्पल पड़े मिले। आश्रम में एक डायरी मिली जिसमें कथित रूप से महंत द्वारा कोई अनहोनी होने पर अपने उत्तराधिकारियों पर आशंका जताई गई।
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पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर तब से महंत को खोज रही है। महंत की काल डिटेल के अनुसार दो माह में एक ही नंबर पर 200 घंटे बातचीत मिली। पुलिस इस बिंदु पर पड़ताल कर रही है। वहीं, अपहरण के तीन दिन बाद भी कोई सुराग न मिलने पर पंचदास जूना अखाड़ा के संतों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मुश्कीनगर स्थित आश्रम पहुंचा।
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प्रतिनिधिमंडल में प्रयागराज से आए महंत मुकुंद पुरी, हरिद्वार के पंचदस, जूना अखाड़ा के थानापति राजू पुरी, मनोहर पुरी व सिद्धेश्वर आश्रम सिद्धौर के अनिल पुरी व कई साधु-संत भी शामिल रहे। पूरा हाल जानने के बाद पुलिस के बुलावे पर संत सफदरगंज थाने पहुंचे।
वहां बिरौली स्थित आश्रम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर भी अनहोनी की आशंका जताई गई। यह बात भी सामने आई कि लापता महंत कर्ज में डूबे थे। संतों ने बताया कि अगर मामले का जल्द खुलासा न हुआ तो वे लोग सीएम योगी से मिलेंगे। सीओ सदर सुमित त्रिपाठी ने बताया कि महंत की खोजबीन लगातार जारी है। हर बिंदु पर पड़ताल हाे रही है।
घटना के बाद लगाया सीसीटीवी कैमरा
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर कैमरा स्थापित करने के निर्देश भले ही हैं मगर मुश्कीनगर में कैमरे नहीं लगे थे। महंत के अपहरण की घटना के तीसरे दिन ग्राम पंचायत द्वारा गांव के मुख्य मार्ग पर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। आश्रम में भी कोई कैमरा नहीं है।