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नहीं निकली धूप, 36 घंटे में हुई 5.4 मिमी बारिश
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बाराबंकी। मौसम में उतार-चढ़ाव बड़ी तेजी से हो रहा है। शनिवार की भोर से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद से बादल छाए हैं। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। इस दौरान जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से बढ़कर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शनिवार सुबह से रविवार शाम तक 36 घंटे में जिले में 5.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। पूरे दिन धूप न निकलने के कारण लोग ठंड से परेशान दिखे। सर्दी व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने मंगलवार तक बदली व बूंदाबांदी तथा कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। बारिश होने से सरकारी अलाव पूरी तरह से ठंडे पड़े हैं क्योंकि लकड़ी भीग चुकी है। रविवार सुबह भी बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। पूरे दिन लोग इंतजार करते रहे मगर धूप नहीं निकली।
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हालांकि सुबह भीषण ठंड होने के बावजूद दोपहर में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन में लोगों को गलन से थोड़ी राहत मिली मगर शाम होते ही गलन तेजी से बढ़ गई जिससे सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
अचानक बिगड़े मौसम के कारण सरकारी अलाव की व्यवस्था भी बेपटरी हो गई। नाका सतरिख, पटेल तिराहा, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बड़ेल चौराहा, पैसार, गोंडा क्रॉसिंग व धनोखर आदि जगहों पर कहीं-कहीं अलाव की लकड़ी भीगी होने के कारण सुलग रही थी तो कहीं अलाव ही नदारद दिखा।
इस कारण गांव से मजदूरी के लिए शहर आने वाले लोगों को ठिठुरना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार तक बदली और बूंदाबांदी का क्रम चलता रहेगा। 26 जनवरी तक कड़ाके की ठंड से निजात मिलने वाली नहीं है।
बारिश के कारण किसान अपने खेतों से पानी निकालने को लेकर मशक्कत करते रहे। खासतौर से आलू के किसान इस बात से चिंतित हैं कि यदि खेत में पानी भर गया तो आलू सड़ जाएगा। बनीकोडर ब्लॉक के ग्राम जरौली निवासी किसान राकेश द्विवेदी बताते हैं कि यदि आलू के खेत में पानी जमा हो जाएगा तो नुकसान होना तय है।
कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि खेतों में पानी न जमा होने दें। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर बताते हैं कि ऐसे मौसम में फसलों में झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है। इसके लिए अन्य सब्जियों के साथ, आलू की फसल में किसान दवाई का छिड़काव करें। दवाई ब्लॉक स्थित कृषि रक्षा इकाई पर उपलब्ध है।
सालों बाद जनवरी में इतनी बारिश हुई है। पहली से 22 जनवरी तक जिले में कुल 25 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि महीना पूरा होने में अभी पूरा एक सप्ताह बाकी है। अमूमन जाड़े के मौसम में ऐसी बारिश बहुत कम ही होती है। बीते एक माह की बात करें तो 29 दिसंबर को जिले में सबसे अधिक 14 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
इसके बाद 7 जनवरी को 9.6 और 9 जनवरी को 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई। उप कृषि निदेशक (शोध) बीरेंद्र वर्मा बताते हैं कि अमूमन जनवरी में इतनी बारिश नहीं होती है। अभी एक सप्ताह बाकी है और बारिश हुई तो यह कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ेगी।
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शनिवार सुबह से रविवार शाम तक 36 घंटे में जिले में 5.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। पूरे दिन धूप न निकलने के कारण लोग ठंड से परेशान दिखे। सर्दी व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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मौसम विभाग ने मंगलवार तक बदली व बूंदाबांदी तथा कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। बारिश होने से सरकारी अलाव पूरी तरह से ठंडे पड़े हैं क्योंकि लकड़ी भीग चुकी है। रविवार सुबह भी बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। पूरे दिन लोग इंतजार करते रहे मगर धूप नहीं निकली।
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हालांकि सुबह भीषण ठंड होने के बावजूद दोपहर में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन में लोगों को गलन से थोड़ी राहत मिली मगर शाम होते ही गलन तेजी से बढ़ गई जिससे सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
अचानक बिगड़े मौसम के कारण सरकारी अलाव की व्यवस्था भी बेपटरी हो गई। नाका सतरिख, पटेल तिराहा, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बड़ेल चौराहा, पैसार, गोंडा क्रॉसिंग व धनोखर आदि जगहों पर कहीं-कहीं अलाव की लकड़ी भीगी होने के कारण सुलग रही थी तो कहीं अलाव ही नदारद दिखा।
इस कारण गांव से मजदूरी के लिए शहर आने वाले लोगों को ठिठुरना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार तक बदली और बूंदाबांदी का क्रम चलता रहेगा। 26 जनवरी तक कड़ाके की ठंड से निजात मिलने वाली नहीं है।
बारिश के कारण किसान अपने खेतों से पानी निकालने को लेकर मशक्कत करते रहे। खासतौर से आलू के किसान इस बात से चिंतित हैं कि यदि खेत में पानी भर गया तो आलू सड़ जाएगा। बनीकोडर ब्लॉक के ग्राम जरौली निवासी किसान राकेश द्विवेदी बताते हैं कि यदि आलू के खेत में पानी जमा हो जाएगा तो नुकसान होना तय है।
कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि खेतों में पानी न जमा होने दें। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर बताते हैं कि ऐसे मौसम में फसलों में झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है। इसके लिए अन्य सब्जियों के साथ, आलू की फसल में किसान दवाई का छिड़काव करें। दवाई ब्लॉक स्थित कृषि रक्षा इकाई पर उपलब्ध है।
सालों बाद जनवरी में इतनी बारिश हुई है। पहली से 22 जनवरी तक जिले में कुल 25 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि महीना पूरा होने में अभी पूरा एक सप्ताह बाकी है। अमूमन जाड़े के मौसम में ऐसी बारिश बहुत कम ही होती है। बीते एक माह की बात करें तो 29 दिसंबर को जिले में सबसे अधिक 14 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
इसके बाद 7 जनवरी को 9.6 और 9 जनवरी को 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई। उप कृषि निदेशक (शोध) बीरेंद्र वर्मा बताते हैं कि अमूमन जनवरी में इतनी बारिश नहीं होती है। अभी एक सप्ताह बाकी है और बारिश हुई तो यह कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ेगी।