{"_id":"5dc0726b8ebc3e013149b0f7","slug":"negligence-barabanki-news-lko4904445159","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती को सीएचसी से लौटाया, टैंपो में हुआ प्रसव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती को सीएचसी से लौटाया, टैंपो में हुआ प्रसव
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बाराबंकी। प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पहुंची एक गर्भवती को एचआईवी जांच रिपोर्ट के अभाव में लौटा दिया गया। परिवारीजनों के साथ दूसरे अस्पताल जाते समय महिला ने टैंपो में बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने आनन-फानन में एंबुलेंस भेज उसे सीएचसी पर भर्ती कराया। इस मामले में दो सीएचसी के अधीक्षक अपने तर्क दे रहे हैं।
त्रिवेदीगंज क्षेत्र के बख्तावरपुरवा निवासी शेरकली को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को परिवारीजन गांव की आशा मालती के साथ सीएचसी ले गए। चिकित्सक ने देखने के बाद हालत गंभीर होने की बात कहकर सीएचसी हैदरगढ़ के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि हैदरगढ़ पहुंचने पर नर्स ने एचआईवी जांच रिपोर्ट मांगी। उसके अभाव में प्रसव न कराने की बात कहते हुए नर्स ने जिला अस्पताल जाने को कहा।
परिवारीजन उसे टैंपो से लेकर घर जा रहे थे। रास्ते में गर्भवती ने आटो में बच्चे को जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सीएचसी अधीक्षक त्रिवेदीगंज ने आनन-फानन में एंबुलेंस भेजकर प्रसूता को भर्ती करा उपचार शुरू कराया। मालूम हो कि हैदरगढ़ सीएचसी को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) के तौर पर विकसित किया गया है। मरीजों को बेहतर इलाज व जांच की सुविधा देने का दावा विभाग कर रहा है।
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त्रिवेदीगंज क्षेत्र के बख्तावरपुरवा निवासी शेरकली को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को परिवारीजन गांव की आशा मालती के साथ सीएचसी ले गए। चिकित्सक ने देखने के बाद हालत गंभीर होने की बात कहकर सीएचसी हैदरगढ़ के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि हैदरगढ़ पहुंचने पर नर्स ने एचआईवी जांच रिपोर्ट मांगी। उसके अभाव में प्रसव न कराने की बात कहते हुए नर्स ने जिला अस्पताल जाने को कहा।
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परिवारीजन उसे टैंपो से लेकर घर जा रहे थे। रास्ते में गर्भवती ने आटो में बच्चे को जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सीएचसी अधीक्षक त्रिवेदीगंज ने आनन-फानन में एंबुलेंस भेजकर प्रसूता को भर्ती करा उपचार शुरू कराया। मालूम हो कि हैदरगढ़ सीएचसी को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) के तौर पर विकसित किया गया है। मरीजों को बेहतर इलाज व जांच की सुविधा देने का दावा विभाग कर रहा है।
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