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सरकारी चावल की अनलोडिंग में मांगा जा रहा पैसा

Fri, 19 Mar 2021 01:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 01:34 AM IST
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Money being sought in government rice unloading
बाराबंकी। एफसीआई कर्मियों की मनमानी सरकारी चावल की अनलोडिंग में बाधा बनती जा रही है। एक मिलर्स ने सरकारी चावल उतारने के नाम पर रुपया मांगने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिला खाद्य विपणन अधिकारी से की है। डिप्टी आरएमओ ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के जरिये लक्ष्मी राइस मिल के मालिक दिनेश वर्मा ने आरोप लगाया है कि एफसीआई कर्मी सरकारी चावल उतारने के नाम पर पैसा मांग रहे हैं। प्रति लाट पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरोप लगाया कि डिपो मैनेजर की शह पर यूनिट 9 और 10 पर तैनात कर्मी चावल नहीं उतार रहे हैं।
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कह रहे हैं कि पहले पिछला हिसाब साफ करो, तब आगे चावल उतारा जाएगा। यदि इन लोगों को पैसा नहीं दिया जा रहा है तो ये लोग चावल में कई प्रकार की खामियां बताकर उसे रिजेक्ट कर दे रहे हैं। यही कारण है कि जिले की राइस मिलों पर 13 हजार एमटी चावल अभी डंप पड़ा है और मिलर्स इसे देने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
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इस बावत एफसीआई के डिपो मैनेजर जीवन प्रकाश का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। सरकारी चावल पर किसी से कोई पैसा नहीं मांगा जाता है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकारी चावल उतारने के नाम पर एफसीआई में पैसा मांगने की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। सरकारी चावल की अनलोडिंग के नाम पर पैसा मांगना पूरी तरह से गलत है। यही कारण है कि मिलर्स सरकारी चावल देने में आनाकानी कर रहे हैं। इसकी जांच कराकर पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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