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Barabanki News: माइनर की पटरियां कटीं, 40 बीघा खेतों में भरा पानी
Sun, 22 Dec 2024 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 22 Dec 2024 01:35 AM IST
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सूरतगंज के अल्हेमऊ गांव में रजबहा माइनर कटने से डूबी फसल। संवाद
सूरतगंज/त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। विकास खंड क्षेत्र सूरतगंज और त्रिवेदीगंज में माइनर कट जाने के चलते करीब 40 बीघा खेतों में पानी भर गया।
सूरतगंज क्षेत्र की मिठवारा रजबहा माइनर काफी समय से सूखी पड़ी हुई थी। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। दोनों पटरियों की मरम्मत भी नहीं कराई गई। नतीजतन शनिवार को माइनर में पानी पहुंचते ही अल्हेमऊ गांव के पास पटरी कट गई। इससे आसपास के खेतों व बाग में पानी भर गया।
सर्वजीत, अजय, चंद्रिका, जल्लू, अनुराग, विमलेश और देशमणि सहित अन्य किसानों के 30 बीघा आलू के खेतों में पानी भर गया। जानकारी होने पर किसान मौके पर पहुंचे। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर सींचपाल मुकेश कुमार और मेट अनिल कुमार ने जेसीबी बुलाकर क्षतिग्रस्त पटरी को सही कराया।
अवर अभियंता विपुल कुमार ने सर्वे कराए जाने के निर्देश सींचपाल को दिए। उधर, किसानों ने बताया कि मिठवारा माइनर की सफाई में प्रति वर्ष खानापूर्ति की जाती है और लाखों रुपये का नुकसान भी होता है। माइनरों की सफाई के समय निकली हुई मिट्टी और सिल्ट को ठेकेदार बेच देते हैं।
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त्रिवेदीगंज क्षेत्र की कान्हूपुर माइनर शुक्रवार की रात सदरुद्दीनपुर गांव के पास कट गई। देखते ही देखते आसपास के खेतों के अलावा पगडंडियों पर भी पानी भर गया। ग्रामीणों को सुबह जानकारी हुई तो मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद जेई आरएन श्रीवास्तव की देखरेख में जेसीबी की मदद से किनारों की मरम्मत कराई गई। किसान प्रमोद, सुधीर, सोहन, रिंकू व धर्मराज के 10 बीघा खेत की फसलों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि पड़ोस के गांव के लोगों ने पटरी काट दी थी।
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सूरतगंज क्षेत्र की मिठवारा रजबहा माइनर काफी समय से सूखी पड़ी हुई थी। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। दोनों पटरियों की मरम्मत भी नहीं कराई गई। नतीजतन शनिवार को माइनर में पानी पहुंचते ही अल्हेमऊ गांव के पास पटरी कट गई। इससे आसपास के खेतों व बाग में पानी भर गया।
सर्वजीत, अजय, चंद्रिका, जल्लू, अनुराग, विमलेश और देशमणि सहित अन्य किसानों के 30 बीघा आलू के खेतों में पानी भर गया। जानकारी होने पर किसान मौके पर पहुंचे। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर सींचपाल मुकेश कुमार और मेट अनिल कुमार ने जेसीबी बुलाकर क्षतिग्रस्त पटरी को सही कराया।
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अवर अभियंता विपुल कुमार ने सर्वे कराए जाने के निर्देश सींचपाल को दिए। उधर, किसानों ने बताया कि मिठवारा माइनर की सफाई में प्रति वर्ष खानापूर्ति की जाती है और लाखों रुपये का नुकसान भी होता है। माइनरों की सफाई के समय निकली हुई मिट्टी और सिल्ट को ठेकेदार बेच देते हैं।
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त्रिवेदीगंज क्षेत्र की कान्हूपुर माइनर शुक्रवार की रात सदरुद्दीनपुर गांव के पास कट गई। देखते ही देखते आसपास के खेतों के अलावा पगडंडियों पर भी पानी भर गया। ग्रामीणों को सुबह जानकारी हुई तो मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद जेई आरएन श्रीवास्तव की देखरेख में जेसीबी की मदद से किनारों की मरम्मत कराई गई। किसान प्रमोद, सुधीर, सोहन, रिंकू व धर्मराज के 10 बीघा खेत की फसलों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि पड़ोस के गांव के लोगों ने पटरी काट दी थी।