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नाबालिग रेप पीड़िता की बच्ची को मिलेगी ममता की छांव
बाराबंकी/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:02 AM IST
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दुराचार पीड़िता नाबालिग से जन्मी बच्ची को परिवार मिलने की राहअब खुल गई है। राजधानी के एक शिशु गृह में रखी गई मासूम को बाल कल्याण समिति ने शनिवार को ‘फ्री फॉर अडॉप्शन’ कर दिया है।
किसी भी बच्चे को गोद देने से पहले अमूमन बाल कल्याण समिति उसे दत्तक मुक्त घोषित करती है, यह एक प्रकार की एनओसी होती है। आमतौर पर समिति के पास आए बच्चों को गोद देने के लिए 60 दिन इंतजार किया जाता है। चूंकि इस मामले में कोर्ट ने जल्द से जल्द बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है, इस वजह से महज 28 दिन में ही बच्ची को गोद देने के लिए एनओसी दे दी गई।
सोमवार को इस बच्ची को गोद देने की सूचना सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। चूंकि अब गोद देने की प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी होती है, इसलिए कारा गोद लेने के इच्छुक लोगों की वेटिंग लिस्ट से बच्ची की मैचिंग के बाद उसे गोद देने की कार्यवाही पूरी करेगा।
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गौरतलब है कि अक्तूबर में राजधानी के एक अस्पताल में बाराबंकी की रहने वाली नाबालिग रेप पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। पीड़िता व उसके परिवार की अर्जी पर कोर्ट ने बच्ची को शिशुगृह को सौंपने का आदेश देते हुए उसे गोद देने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।
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किसी भी बच्चे को गोद देने से पहले अमूमन बाल कल्याण समिति उसे दत्तक मुक्त घोषित करती है, यह एक प्रकार की एनओसी होती है। आमतौर पर समिति के पास आए बच्चों को गोद देने के लिए 60 दिन इंतजार किया जाता है। चूंकि इस मामले में कोर्ट ने जल्द से जल्द बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है, इस वजह से महज 28 दिन में ही बच्ची को गोद देने के लिए एनओसी दे दी गई।
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सोमवार को इस बच्ची को गोद देने की सूचना सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। चूंकि अब गोद देने की प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी होती है, इसलिए कारा गोद लेने के इच्छुक लोगों की वेटिंग लिस्ट से बच्ची की मैचिंग के बाद उसे गोद देने की कार्यवाही पूरी करेगा।
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गौरतलब है कि अक्तूबर में राजधानी के एक अस्पताल में बाराबंकी की रहने वाली नाबालिग रेप पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। पीड़िता व उसके परिवार की अर्जी पर कोर्ट ने बच्ची को शिशुगृह को सौंपने का आदेश देते हुए उसे गोद देने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।